उधमपुर। विद्यार्थियों की तीन से दस संख्या वाले सरकारी प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों को एक महीने के भीतर बच्चों की संख्या बढ़ानी होगी। अगर इस समयावधि के दौरान विद्यार्थियों की संख्या दस से कम होगी तो शिक्षा विभाग उन स्कूलों के शिक्षकों पर कार्रवाई करेगा। शिक्षकों को स्कूल के आसपास रहने वाले लोगों को घर-घर जाकर जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा में सुधार के लिए विभाग लगातार काम कर रहा है। जिले में कुल 244 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जिनमें विद्यार्थियों की संख्या जरूरत से बहुत कम हैं। इनमें से 50 ऐसे भी स्कूल हैं, जिनमें विद्यार्थियों की संख्या तीन से कम है। इनके शिक्षकों को ही अब विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। हालांकि अप्रैल में भी इनको एक माह का वक्त दिया गया था, लेकिन अब एक और मौका दिया गया है।
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सीईओ ने जारी किया आदेश, अभिभावकों
को घर-घर जाकर जागरूक करें अध्यापक
सीईओ उधमपुर अरविन कुमार कौल ने शनिवार को लिखित आदेश जारी किया है, जिसमें लिखा गया है कि जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या तीन से दस के बीच है, उनके शिक्षक विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए काम करें। शिक्षक एक महीने तक घर-घर जाकर अभियान छेड़ें और लोगों को अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में भेजने के लिए प्रेरित करें। लोगों को समझाया जाए कि सरकारी स्कूलों में भी विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा के साथ कई तरह की सुविधाएं दी जा रही हैं। इन स्कूलों में कम से कम विद्यार्थियों की संख्या दस होनी चाहिए। अगर एक माह में विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं हुई तो शिक्षा विभाग को मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ेगी।
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कम संख्या वाले स्कूलों को किया जाएगा मर्ज
शिक्षा विभाग कम विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों का विलय दूसरे स्कूल में करेगा और शिक्षकों का युक्तिकरण करके कार्रवाई कर सकता है। इसको लेकर लगातार विभाग आंकड़े जुटा रहा है। हर स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या का पता लगाया जा रहा है।