उधमपुर। जल शक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल लगातार छठे दिन भी जारी रही। सोमवार को उन्होंने विभाग के कार्यालय के बाहर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस हड़ताल से लोगों की समस्या काफी बढ़ गई।
अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल के कारण छठे दिन भी जिले में जलापूर्ति प्रभावित रही। इस दौरान जिले के कई इलाकों को पानी नहीं मिला। सबसे ज्यादा हालत रामनगर की खराब है। यहां के लगभग 80 प्रतिशत घरों में पानी नहीं पहुंच रहा। लोगों को पीने का पानी जुटाने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। वे कई किमी दूर स्थित बावलियों से पानी भरकर लाने को मजबूर हैं।
यही हालत जिले की मजालता, चिनैनी, पंचैरी व अन्य तहसीलों की है। यहां भी करीब 50 प्रतिशत लोगों को ही पीने का पानी मिल रहा है। ग्रामीण इलाकों के अलावा शहर के लोगों के घरों में भी नियमित पानी नहीं मिल रहा है। कई इलाकों में तो चार दिन से जलापूर्ति नहीं हुई है। परेशान शहरवासियों का कहना है कि सरकार को इस हड़ताल को खत्म करने के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए।
वहीं, दोपहर को जिले के विभिन्न हिस्सों से आए अस्थायी कर्मचारी विभाग कार्यालय के बाहर एकजुट हुए, जहां उन्होंने धरना देकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कुछ दिनों से पूरे जम्मू संभाग में हजारों कर्मचारी हड़ताल पर हैं। वह सरकार की नीतियों से नाराज हैं। सरकार कर्मचारियों को स्थायी करने को लेकर कोई योजना नहीं बना रही है।
उन्होंने कहा कि जब उनको विभाग में नियुक्त किया गया, तब आश्वासन दिया गया था कि सात वर्ष बाद सबको स्थायी कर दिया जाएगा। लेकिन, 15 वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी किसी को स्थायी नहीं किया गया। इसके अलावा करीब पांच वर्ष का वेतन भी रोक रखा है। जब वेतन के लिए प्रदर्शन करते हैं तो त्योहारों से पहले दो या तीन महीने का वेतन दे दिया जाता है।
वहीं, सरकार ने न्यूनतम मजदूरी अधिनियम लागू करने की घोषणा तो की, लेकिन आज तक इसको अमल में नहीं लाया गया। इसी कारण कर्मचारियों को कम वेतन पर काम करने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल हड़ताल को मंगलवार रात आठ बजे तक बढ़ाया है। अगर सरकार ने मांगों को पूरा नहीं किया तो जम्मू में बैठक कर इसको और बढ़ाने का निर्णय लिया जा सकता है।