फोटो......पाडर के चिशोती गांव के पास लोहे का पुल तैयार
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किश्तवाड़। जिले के उपमंडल पाडर में मचैल जाने वाले मार्ग पर चिसोती गांव के पास बनाया गया अस्थायी पुल फिर से बह गया। हालांकि, यात्रा के मद्देनजर तेजी से काम करते हुए शुक्रवार को लोहे वाला पुल तैयार कर दिया गया है। इस पर कई दिनों से काम चल रहा था।
जानकारी के अनुसार वीरवार शाम को भोट नाले में पानी का तेज बहाव होने के कारण पिछले माह बनाया गया अस्थायी पुल बह गया था। इस कारण मचैल माता के दरबार आने जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। परंतु, जिला प्रशासन को जैसे ही इसकी सूचना मिली, तुरंत लोहे वाले पुल पर तेजी से काम करने को कहा गया। उस पर मात्र लोहे की चादरें बिछानी थीं, और कुछ नट बोल्ट कसने थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुंडेल में भी इसी प्रकार अस्थायी पुुल बनाया गया है, जो कभी भी बह सकता है। हालांकि, उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा का कहना है कि इस जगह भी लोहे का पुल बनाया जाएगा। 25 जुलाई से मचैल यात्रा आरंभ हो रही है। इन दिनों लगातार यात्री मचैल जा रहे हैं।
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मचैल में बिजली अब भी प्रभावित
गौरतलब है कि पिछले वर्ष जुलाई में बादल फटने से जिले के इस इलाके में भारी नुकसान हुआ था। बिजली ठप हुई थी और रास्ते व पुल टूट गए थे। कुछ दिन पूर्व उपायुक्त ने दावा किया था कि मचैल में बिजली पहुंचा दी गई है। परंतु, वह एक या दो दिन मात्र ही थी। इलाके में अभी भी पूरी तरह बिजली नहीं दी गई है। पीडीडी विभाग के अधिकारी सुधीर शर्मा ने कहा कि कुंडेल के पास एक जगह है, जहां तार नहीं टिकते। जल्द ही उसे लगाया जाएगा।