उधमपुर। जिले में एक हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में खेल का मैदान नहीं है। विद्यार्थी बिना मैदान के खेलाभ्यास करने को मजबूर हैं। इसी कारण खेल प्रतियोगिताओं में विद्यार्थी शानदार प्रदर्शन नहीं कर पाते। खेल विभाग ने ग्रामीण इलाकों में खेल के मैदान तैयार करने के प्रयास किए गए हैं, लेकिन इनमें अब तक कामयाबी नहीं मिल सकी है।
जिले में 1515 सरकारी स्कूल हैं। इनमें चार सौ के करीब सरकारी स्कूलों में खेल के मैदान हैं। जबकि, एक हजार से अधिक स्कूल बिना खेल मैदान के है। इनमें शिक्षा लेने वाले विद्यार्थी कहीं खेलाभ्यास नहीं कर पाते हैं। खेलो इंडिया के तहत किशोर व युवाओं को खेल सुविधाएं देने का विशेष प्रयास किया जा रहा है। स्कूलों में खेलों का सामान भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। लेकिन, खेल का मैदान न होने के कारण विद्यार्थी इस सामान का सही इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।
जब भी जिला खेल विभाग खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करता है तो सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी उम्मीद के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाते। जिले में ज्यादातर सरकारी उच्च व उच्चतर विद्यालयों में खेल के मैदान हैं। लेकिन, माध्यमिक व प्राथमिक स्कूलों में खेल के मैदान नहीं हैं। ग्रामीण इलाकों से अभिभावकों ने कई बार शिक्षा विभाग और जिला खेल विभाग से मैदान तैयार करवाने की मांग की है, लेकिन आज तक इस मांग को पूरा नहीं किया जा सका।
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जिला उधमपुर का ज्यादातर हिस्सा पहाड़ी है। हर स्कूल में खेल का मैदान तैयार करना संभव नहीं है। लेकिन, खेल विभाग ने ब्लॉक स्तर पर एक खेल का मैदान तैयार करने का प्रयास किया है। इस मैदान में खिलाड़ियों को खेल का सामान भी उपलब्ध करवाया जाएगा। जिले में कुछ महीने के अंदर सभी 17 ब्लॉक में खेल के मैदान उपलब्ध होंगे।
- स्वर्ण सिंह, जिला खेल अधिकारी, उधमपुर