उधमपुर के कैंथगली में प्रदर्शन करते स्थानीय लोग
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27 जून को पंचैरी कस्बे के साथ लगते जंगल में संदिग्ध परिस्थितियों में मिले युवक के शव के मामले को लेकर पंचैरी के लोगों ने मृतक युवक के परिवार के सदस्यों के साथ कैंथगली इलाके में उधमपुर-पंचैरी मार्ग को करीब साढ़े सात घंटे बंद कर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से धारा 174 के स्थान पर धारा 306 के तहत मामला दर्ज कर जांच करने की मांग उठाई। प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर तहसीलदार मौके पर पहुंचे और हर संभव सहायता करने का आश्वासन देकर प्रदर्शन बंद करवाया।
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब छह बजे लोगों ने मार्ग को बंद कर प्रदर्शन शुरू किया। लोगों ने जमकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान खजूर सिंह ने बताया कि 27 जून की दोपहर को उसके बेटे करण सिंह का शव जंगल में संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया था। आगे उन्होंने बताया कि मुल्खराज अपनी पत्नी के साथ घर पहुंच कर मेरे बेटे को धमकाया था।
इनके धमकाने के कुछ समय के बाद बेटे का शव जंगल में लटकता हुआ पाया गया था। शव के बारे में भी लोगों को आरोपी मुल्ख राज ने ही सूचना दी थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि पूरा यकीन है कि मुल्ख राज ने ही उनके बेटे की हत्या की है या फिर उसको आत्महत्या करने के लिए उकसाया है। पुलिस ने मुल्ख राज को परिवार के चार सदस्यों सहित पूछताछ के लिए हिरासत में लेकर जांच शुरू की थी। लेकिन कुछ दिनों के बाद सभी को छोड़ दिया गया। अब तो यह पूरा परिवार बेखौफ होकर पंचैरी में घूमता नजर आ रहा है और उसके परिवार को धमकाया भी जा रहा है। इसलिए प्रदर्शन कर अपनी आवाज को प्रशासन और पुलिस तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
मामले की जांच गंभीरता से नहीं की जा रही है। इसलिए उनकी मांग है कि पुलिस मामले को लेकर नए सिरे से स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम का गठन करे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर एसएचओ ने मौके पर पहुंच कर प्रदर्शनकारियों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन कोई भी मार्ग से हटने को तैयार नहीं हुआ।
इसके बाद तहसीलदार पंचैरी विपिन कुमार मौके पर पहुंचे और लोगों ने अपनी बात को उनके सामने रखा। उन्होंने फोन के जरिए एसएसपी उधमपुर डा. विनोद कुमार के साथ संपर्क किया और मामले की पूरी जानकारी दी। एसएसपी ने सख्ती से जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी मार्ग से हट गए। दोपहर तक वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण लोगों को बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ा।