जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क हादसों को अंजाम देते हुए तेज रफ्तार बस ने वीरवार रात को बाइक सवार दो सगे भाइयों की जान ले ली। बेकाबू बस ने ओमाड़ा मोड़ पर रैंबल थाने की सरकारी टाटा सूमो को पीछे से टक्कर मार दिया। बाद में बस को छोड़ कर चालक फरार हो गया। थाने की गाड़ी का पिछला हिस्सा भी टूट गया।
जानकारी के अनुसार बस चालक ने तेज रफ्तार में बस चलाते हुए सबसे पहले रैंबल नाके पर एक वाहन को टक्कर मारी और मौके से फरार हो गया। नाके पर मौजूद पुलिसकर्मियोें ने इसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन बस चालक बच निकलने में सफल रहा।
नाके पर मौजूद पुलिस कर्मियों के अनुसार वे भी हादसे में बाल-बाल बचे। नजदीक खड़ी हादसे की शिकार कार में सवार सभी लोग बाल-बाल बच गए। उसके बाद रास्ते में उसने एक ओर वाहन को क्षति पहुंचाई।
इसके अलावा ओमाड़ा मोड़ में सड़क किनारे खड़ी रैंबल पुलिस के वाहन को भी चालक ने नहीं बख्शा और टक्कर मारने के बाद मौके से वाहन समेत फरार हो गया। मामले की जानकारी उधमपुर पुलिस को भी दी गई।
चालक ने रफ्तार कम न करते हुए रास्ते में विभिन्न स्थानों पर आनन-फानन में यात्रियों को उतारा और धार रोड के रास्ते वापस कठुआ भागने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि यह बस रोजाना कठुआ रूट पर चलती है।
इससे पहले की पुलिस बस को रोक कर चालक को काबू कर पाती, उससे पहले ही बस चालक ने धार रोड स्थित सलाथिया चौक से नीचे चुंगी के पास बाइक पर सवार होकर जा रहे दो सगे भाइयों को कुचल दिया। इस हादसे को अंजाम देने के बाद भी चालक नहीं रुका।
हादसे में एक भाई की मौके पर ही मौत हो गई। दूसरे को स्थानीय लोगों की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। उसने भी अस्पताल में पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। दोनों की पहचान रामनगर के सुनेत्र निवासी विश्वमोती शर्मा के बेटे अमन शर्मा और विनोद कुमार के रूप में की गई है।
मौजूदा समय में दोनों ऊधमपुर के कल्लर में रह रहे थे। दोनों के शव जिला अस्पताल में रखे गए हैं। बस को काबू करने के लिए संबधित थानों को भी सूचित कर दिया गया है।
चंद कदमों की दूरी पर था बहन का घर
बहन के लिए करवाचौथ का सामान लेकर जा रहे भाइयों से चंद दूरी ही बाकी रह गई थी। दोनों बहनों अंजू व मंजू के दोनों भाई बहनों के लिए सरगी लेकर जा रहे थे। छोटी बहन अंजू की शादी उधमपुर के घौ वाली गली में हुई है। छोटी बहन पैतृक गांव सनेतर रामनगर में ही आरईटी टीचर है।
बहन और मां पहुंचीं अस्पताल
हादसे की सूचना मिलते ही बहन और मां अस्पताल पहुंची। उधमपुर के कलर क्षेत्र में अस्थायी निवास के बाद भी स्थानीय लोग भी अस्पताल पहुंचे। लोगों ने अस्पताल में पुलिस व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इनके अनुसार क्षेत्र में कहीं भी पुलिस व ट्रैफिक का नाका नहीं है। यही वजह है कि हादसे के बाद भी पुलिस बस को पकड़ने में नाकाम रही।
सड़क पर बिखरीं चूड़ियां
हादसे के दौरान अपनी बहन अंजू के लिए करवाचौथ की सरगी व चूड़ियां लेकर जा रहे भाइयों के हाथ से लिफाफा छूट गया। लिफाफा फट गया और उसमें से चूडि़ंया, फेनिया व कतलमे बाहर बिखर गए। सड़क पर सारा सामान फैल गया। हादसे में एक भाई की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे भाई ने अस्पताल पहुंचने के कुछ देर बाद दम तोड़ दिया।