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50 फीसदी सवारियों के आदेश के विरोध में दिनभर चक्का जाम

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उधमपुर। सार्वजनिक वाहनों में 50 फीसदी सवारियों के आदेश के विरोध में वीरवार ट्रांसपोर्टरों की ओर से चक्का जाम रहा। इस दौरान वाहन नहीं चलने से ग्रामीण इलाकों से आनेजाने वाले लोगों सहित श्रमिकों और कामकाजी लोगों दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।
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दिनभर एचएच चौक, बस स्टैंड और मेटाडोर स्टैंड के आसपास यात्री बसों व मेटाडार का इंतजार करते देखे गए। इस कारण उन्हें निजी वाहन हायर कर गंतव्य की ओर रवाना होना पड़ा है। वहीं, कुछ पैदल ही गंतव्यों की ओर जाते देखे गए। सभी के चेहरों पर वाहन नहीं मिलने की निराशा व मायूसी साफ झलक रही थी।
लोगों का कहना है कि कोविड-19 की रोकथाम को लेकर सरकार की ओर से लिया गया यह निर्णय सराहनीय है, लेकिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का किराया बढ़ने से आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पडे़गा। इसलिए सरकार को ट्रांसपोर्टरों की समस्या को दूर करने के लिए पेट्रोल व डीजल की कीमतों को कम करने पर विचार करना चाहिए। ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के सदस्यों ने बताया कि सरकार ने सवारियों में पचास प्रतिशत कटौती कर परेशानी पैदा कर दी है। क्योंकि पेट्रोल-डीजल के दाम पहले से ही आसमान छू रहे हैं। ऐसे में पचास प्रतिशत सवारियों के साथ वाहन चलाना संभव नहीं हैं। इससे गाड़ी की किश्त भी नहीं निकल पाएगी। ट्रांसपोट्ररों के लिए परिवार का पेट पालना भी मुश्किल हो जाएगा। इसलिए सरकार जब तक यात्री किरायों में बढ़ोतरी नहीं करेगी।
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उनके लिए वाहन चलाना संभव नहीं होगा। कोविड-19 की रोकथाम को लेकर लिए सरकार के निर्णय का वह स्वागत करते हैं। लेकिन सवारियों की पचास प्रतिशत कटौती के साथ वाहन चला पाना उनके लिए काफी घाटे का सौदा है। इसमें पेट्रोल-डीजल का खर्चा भी पूरा नहीं हो पाएगा। इसलिए सरकार गाड़ियों में जितनी प्रतिशत सवारियों की कटौती करेगी उसे यात्री किराया भी उतना ही बढ़ाना होगा या पेट्रोल-डीजल का दाम कम करना होगा। वीरवार को बस व मेटाडोर को बंद रखा गया था। केवल जम्मू, डोडा, रामनगर व अन्य क्षेत्रों में फंसे उधमपुर के चालकों को अपने वाहन लेकर उधमपुर आने की इजाजत दी गई थी।
दूसरी ओर यातायात विभाग की ओर से पचास प्रतिशत सवारियों के साथ वाहन चलाने के आदेश को लागू कर दिया है। इसके तहत अतिरिक्त सवारियों को लेकर जम्मू से डोडा की तरफ जा रही एक बस का चालान भी काटा गया। एआरटीओ जुगल कुमार ने बताया कि प्रदेश प्रशासन की ओर की ओर से जारी आदेश का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है। परिवहन विभाग की ओर से कड़ी निगरानी की जा रही है। किसी भी सार्वजनिक वाहन में पचास प्रतिशत से अधिक सवारियां बैठी पाई गईं तो बक्शा नहीं जाएगा। इसलिए सभी से अपील है कि कोविड-19 की रोकथाम को लेकर जारी आदश का सख्ती से पालन करें।
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