सरकारी डॉक्टर के निजी क्लीनिक में उपचार के दौरान एक अठारह वर्षीय मासूम बच्ची की मौत का मामला प्रकाश में आया। इस मामले में आरोपी डॉक्टर रतन सिंह मन्हास को सस्पेंड कर दिया गया। उसके क्लीनिक को सील कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
इस घटना से गुस्साए मृतक के रिश्तेदार और स्थानीय लोगों ने डॉक्टर के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और उसे गिरफ्तार करने की मांग की। मृतक बच्ची की मां शाहिदा बेगम ने कहा कि बच्ची की छाती खराब थी। वह बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर दूरदराज गांव गनिका चैली मोड़ से डॉ. रतन सिंह मन्हास के निजी क्लीनिक पर पहुंची।
उन्होंने कुछ दवाइयां लिखी जो कहीं मिली नहीं। उसके बाद डॉक्टर ने एक इनजेक्शन डॉक्टर ने बच्ची को लगाया। दूसरा इंजेक्शन लगाने पर बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की मां का आरोप है कि उसकी मौत हो जाने के बाद डॉक्टर अपनी गाड़ी में बच्ची और परिवार के सदस्यों को लेकर सरकारी अस्पताल पहुंचाया।
बच्ची को अंदर लिया और पांच मिनट के बाद डॉक्टर ने कहा कि बच्ची की मौत हो गई। इस घटना के विरोध में शाम छह बजे तक प्रदर्शन चलता रहा। सीएमओ डोडा डॉ. कुलभूषण ने आरोपी डॉक्टर को तत्काल सस्पेंड कर दिया और जांच के आदेश दिए गए। तहसीलदार ने डॉ. रतन के निजी क्लीनिक को सील कर दिया है। एसएसपी जाहिद नसीम मन्हास ने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने पर डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।