रियासी। कबड्डी के शौकीन युवा खिलाड़ी बिना कोच के प्रैक्टिस कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें बड़े स्तर पर प्रतिभा दिखाने का मौका नहीं मिल रहा है। युवाओं का कहना है कि अगर सरकार की तरफ से कोच मिल जाए तो वे भी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुनर का प्रदर्शन कर सकते हैं।
हालात ऐसे हैं कि जनरल जोरावर सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में कबड्डी खेलने के लिए कोर्ट भी नहीं है। मैदान के ही एक हिस्से पर अभ्यास करना पड़ता है। राजवीर के अनुसार दो वर्ष से वह बिना कोच की सहायता से अभ्यास कर रहे हैं। जरूरी उपकरण की सुविधा नहीं मिलने से खेल में निखार कम आ रहा है। सबसे बड़ी खराब मौसम में आती है जब बारिश के कारण मैदान में पानी भर जाता है। इससे अभ्यास में रुकावट आती है। इनडोर स्टेडियम में मैट है लेकिन उस पर पहलवान अभ्यास करते हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर कोच की कमी का मुद्दा भी उठाया लेकिन अभी तक कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। प्रदेश स्तर पर कबड्डी खेल चुके रंजीत कुमार ने बताया कि जिला मुख्यालय में युवा खिलाड़ियों के लिए कोई सुविधा नहीं है। ऐसे में अच्छे खिलाड़ी निकलना काफी मुश्किल है। सरकार व खेल मंत्री को चाहिए कि वह रियासी में कबड्डी कोच उपलब्ध करवाए ताकि खिलाड़ियों का भविष्य उज्ज्वल हो सके। युवाओं ने कहा कि वह देश के लिए खेलना चाहिए है लेकिन कम सुविधाओं व बिना कोच के ऐसा असंभव है।