चिनैनी-नाशरी टनल से गुजरते वाहन।
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एशिया की सबसे लंबी चिनैनी-नाशरी टनल का बुधवार की सुबह आठ बजे तक अंतिम ट्रायल हुआ। ट्रायल पूरी तरह से सफल बताया जा रहा है। एक सप्ताह के दौरान टनल के अंदर ओवर स्पीड और ओवरटेकिंग करने वाले दो दर्जन से ज्यादा वाहन चालकों का चालान किया गया। अब सिर्फ प्रधानमंत्री द्वारा टनल के औपचारिक उद्घाटन का इंतजार है।
प्रोजेक्ट के अधिकारी के मुताबिक टनल के अंदर किसी भी तरह की मनमानी या ढिठाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। टनल से निकलते ही कार्रवाई होगी। ट्रायल के दौरान टनल से संबंधित कंपनी के कर्मियों द्वारा टनल से गुजरने वाले वाहन चालकों को पंपलेट देकर आवश्यक जानकारियां दी जा रही थीं। उन निर्देशों का पालन नहीं करने वाले वाहन चालकों को टनल से निकलते ही चलान भुगतना पड़ा।
टनल के अंदर अधिकतम गति सीमा 50 किलोमीटर प्रति घंटा रखा गया है। ओवरटेकिंग बिल्कुल नहीं करनी है। हर गाड़ी पर टनल के भीतर सीसीटीवी कैमरे की नजर रहती है। टनल के भीतर बनी टेक्नालोजी इमारत नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की सूचना तुरंत पुलिस और ट्रैफिक विभाग को देती है। टनल से निकलने से पहले संबंधित वाहनों का चालान तैयार होता है।
टनल में जाने से पहले टनल के टोल प्लाजा के पास टनल के कर्मी हर गाड़ी को जरूरी निर्देश देते रहे। टनल प्रोजैक्ट के अधिकारी ने बताया कि टनल का ट्रायल सफल रहा है। उन्होंने कहा कि टनल के अंदर किसी वाहन चालक की मनमानी नहीं चलेगी। जरूरत करने पर कार्रवाई और सख्त भी की जा सकती है।