कठुआ। ऑपरेशन शील्ड के तहत शनिवार की रात शहर में एक बार फिर ब्लैक आउट रहा। रात 8 बजे जैसे ही शहर में सायरन बजा तो बिजली बंद हो गई। हालांकि अभ्यास मॉकडि्रल के तहत हुआ ब्लैक आउट 15 मिनट में एक बार फिर सायरन की आवाज के साथ खत्म हो गया है। लेकिन इसने लोगों को आपरेशन सिंदूर की याद दिला दी।
सिविल डिफेंस की ओर से जागरूकता कार्यक्रम के तहत ब्लैक आउट मॉक ड्रिल में शहर के मुखर्जी चौक में मुख्य गतिविधि का आयोजन किया गया। एडीसी विश्वजीत सिंह की देखरेख में आयोजित ब्लैक आउट के दौरान जैसे ही सायरन की आवाज गूंजी तो शहर की बिजली सप्लाई को बंद कर दिया गया। इसके बाद एसडीआरएफ के जवान, सिविल डिफेंस के वालेंटियरों और पुलिस के जवानों ने न केवल दुकानों सहित सड़क पर चलने वाले वाहनों की लाइटों को बंद करवा दिया और लोगों को ब्लैक आउट की जानकारी देते हुए सहयोग की अपील की। जिसके बाद वहां पूरी तरह से अंधेरा हो गया। वहीं, शहर के अन्य स्थानों पर कठुआ सिटी थाना की पुलिस कार में बज रहे सायरन ने लोगों को ब्लैक आउट की जानकारी दी।
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यकायक हुए ब्लैक आउट से हालांकि लोगों में किसी प्रकार की कोई दहशत नही दिखी। अलबत्ता कौतूहल जरूर दिखा। इस दौरान लोगों में यह जानने की उत्सुकता देखी गई कि ऐसा क्या हुआ जो अचानक ब्लैक आउट हो गया। लेकिन जब लोगों को सिविल डिफेंस के डिप्टी कंट्रोलर रघुवीर सिंह ने बताया गया कि यह एक मात्र अभ्यास है तो उन्होंने राहत की सांस ली।
शहर में हुई मॉकडि्रल के बारे में सिविल डिफेंस के वार्डन ध्यान चंद ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार देश के चार प्रमुख प्रदेश में इस गतिविधि को आयोजित किया गया है। ताकि सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाया जा सके। उन्होंंने बताया कि कठुआ में आयोजित अभ्यास भी इसी की एक कड़ी थी। जिसमें आम लोगों का बेहतरीन सहयोग मिला है।