साइकिल से लोगों को जागरूक करने के लिए निकले दल के साथ जिला प्रशासन ने भी रूबरू होते ही हुए लोगों से अपील की है कि वह अपनी बेटियों को पढ़ाए और आगे बढ़ाएं।
आम लोगों की लड़कियों के संरक्षण को लेकर भागेदारी बढ़ाने के लिए जिला हेड र्क्वाटर में कार्यक्रम की शुरुआत की गई। कार्यक्रम के लड़कियों के पढ़ाने और बचाने को लेकर कई रंगारंग कार्यक्रम पेश किए गए।
इन कार्यक्रमों के तहत लघु कहानियों पर आधारित नाटक भी प्रस्तुत किया गया। उधमपुर में एक दर्जन से भी अधिक स्थनलों पर कार्यक्रम पेश किए गए। इसमें बताया गया कि साइकिल से 22 युवाओं का दल 180 किलोमीटर यात्रा कर इस अभियान को आगे बढ़ाएगा। जिला स्तर पर कांफ्रेंस का आयोजन भी किया गया।
बेटी पढाओ और बेटी बचाओ अभियान के तहत नगर में विशेष बैनर और पोस्टर भी लगाए गए। नुक्कड़ नाटकों की प्रस्तुति की गई। इस मौके पर डीसी उधमपुर डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों का अनुपात लड़कों के लगभग बराबर है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में अनुपात काफी कम है।
शिक्षित लोग बेटियों के लिए समर्पित नहीं हैं। उधमपुर में हालांकि बेटी पढ़ाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू नहीं हुआ है। अभियान के महत्व को समझते हुए ही जम्मू से निकली साइकिल यात्रा उधमपुर तक पहुंची है।
स्कूल के विद्यार्थी, शिक्षकों के अलावा गैर सरकारी संगठनों को भी इस अभियान में शामिल किया गया है। जिला हेडक्वार्टर पर करीब तीन घंटे तक चले इस अभियान में बच्चोें ने अपने विचार रखे और कहा कि बेटियां इंसानी जिंदगी का महत्वपूर्ण अंग है।
दो दिन तक चले इस अभियान में सामाजिक, गैर राजनीतिक एवं गैर सरकारी संगठन भी भाग ले रहे हैं। इस मौके पर जिला प्रशासन के भी कई अधिकारी मौजूद थे।