- लोगों ने कहा, अगर भैंसें न होती तो बालकों पर कर देते हमला
संवाद न्यूज एजेंसी
चिनैनी। चिनैनी तहसील की पंचायत सराड़ में भालुओं के हमले में रविवार को आठ भैंसों की मौत हो गई। भालू के हमले के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी देरी हो जाती तो भालू भैंसें चराने गए बालकों पर हमला कर देता है। उन्होंने वन्य जीव विभाग से क्षेत्र में मौजूद तीन से चार भालू को पकड़ने की मांग की है।
पीड़ित मोहम्मद फारूक तथा राज अली ने बताया कि रविवार की सुबह उनके तीन बच्चे जिनकी उम्र 15 साल से ऊपर है, वह भैंसें चराने पंचायत सराड़ के सबा कोठ नामक स्थान पर गए थे। वहां पर उनकी दोआरी यानि दूसरा मकान जहां पर गर्मियों में जाते हैं। उसी के साथ लगते जंगल में भैंसें चरा रहे थे। बालकों की नजर जंगल में अचानक भालुओं पर पड़ी और उन्हें आता देख सभी बालक वहां से दौड़कर ढलान के जरिए अपने घर पहुंचे।
उन्होंने परिजनों को भालुओं की ओर से भैंसों पर किए गए हमले की जानकारी दी। आसपास के करीब छह लोग लाठियां और डंडे लेकर चीखते हुए उसी स्थान पर पहुंचे लेकिन भालुओं ने आठ भैंसों को शिकार बनाया था। भालुओं की संख्या 3 से 4 थी। लोगों को आता देख वह वहां से भाग निकले।
ग्रामीणों ने बताया कि वह जब भी जहां पर अपनी भेड़ बकरियों को लेकर भी आते हैं तो भालू उन पर भी हमला कर देते हैं और ऐसा एक बार नहीं तीन-चार बार हो चुका है । उन्होंने मांग उठाई है कि भाकूओं को पकड़ने के लिए वन्य जीव विभाग पिंजरा लगाए ताकि जितने भी तीन-चार भालू हैं, वह काबू में आ जाएं। उधर वन्य जीव विभाग के रेंजर महेश अबरोल ने बताया कि उन्हें जैसे ही जानकारी मिली तो उन्होंने अपनी टीम को मौके पर भेज दिया है ।
भालू लोगों पर भी कर चुके हैं हमले
पूर्व सरपंच सुदेश चंद्र ने बताया कि भालू पहले भी उनके गांव में पशुओं पर हमले चुके हैं। यही नहीं, लोगों पर भी इन्होंने हमले किए हैं। कुछ माह पहले भालूओं ने बाप-बेटे पर हमला किया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दो वर्ष पहले भालू ने एक व्यक्ति को घायल किया था जबकि कुछ दिन पहले उनकी ही पंचायत के साथ दूसरी पंचायत में दो लोग घायल हो चुके हैं। पूर्व सरपंच ने कहा कि रविवार को हुई घटना की जानकारी पुलिस तथा वन्य जीव विभाग को दी गई है। ग्रामीणों में दहशत है। उन्हें चिंता है कि कहीं भालू बच्चों पर हमला न कर दें।