कांफ्रेंस हाल मैत्रा में शुक्रवार को जिला विकास बोर्ड की समीक्षा बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता राहत और पुनर्वास मंत्री सईद बशारत अहमद बुखारी ने बतौर बोर्ड के चेयरमैन की।
बैठक में डीसी रामबन ने बशीर अहमद डार ने जिले भर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की विस्तार से जानकारियां दीं। बताया गया कि जिले को विकास के मद में मिलने 2866.10 लाख रुपए में से 1442.28 लाख यानी कुल राश का 51.72 फीसदी खर्च नवंबर महीने तक किए गए।
इस पर जिला विकास बोर्ड के चेयरमैन ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि विकास कार्यों में तेजी लाएं। इस अवसर पर गूल, बनिहाल और रामबन के विधायक के अलावा एमएलसी शाम लाल भगत के अलावा तमाम प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
विकास बोर्ड की बैठक में जिले के तीनों विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्र की परेशानियों को उजागर किया और पिछली बैठक में लिए गए फैसले पर अमल नहीं किए जाने पर असंतोष जाहिर किया।
गूल के विधायक एजाज अहमद खान ने बताया कि पिछली बैठक में फैसला लिया गया था कि गूल में केंद्रीय विद्यालय खोला जाएगा, जबकि तत्तापानी और दगनटाप में खेल का मैदान तथा गूल के डिग्री कालेज के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करने की बात की गई थी। पर काम नहीं हुआ।
लैक्चररों की कमी भी दूर नहीं की गई। लाड़ली बेटी योजना पर भी गूल विधानसभा क्षेत्र में काम नहीं हो रहा है। बनिहाल के विधायक विकार रसूल वानी ने भी नाचिलाना-महोमंगत सड़क पर सुस्त गति से हो रहे काम का मुद्दा उठाया।
इसके अलावा सड़क निर्माण के लिए फारेस्ट विभाग से क्लीयरेंस शीघ्र करवाने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने ट्रामा सेंटर बनिहाल में चिकित्सकों की कमी दूर करने का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा।
रामबन के विधायक नीलम कुमार लंगेह ने कहा कि पिछली बैठक में डाकबंगला को अपग्रेडेशन करने का फैसला किया गया था, जिस पर अब तक कुछ काम शुरू नहीं हो सका है।