जिले के खैरी इलाके में तीन दिन तक कड़ी मेहनत से चट्टानों को ब्लास्ट कर राजमार्ग को खोलने में वीरवार को कामयाबी मिली। मार्ग खुलने पर पुलिस ने सैकड़ों वाहन आगे की तरफ रवाना किए, लेकिन शाम करीब छह बजे फिर से भूस्खलन हो गया और मलबा राजमार्ग पर पहुंच गया।
इससे राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही फिर बंद हो गई। अब सेना और ग्रेफ के लिए हजारों टन मलबा बड़ी चुनौती बन चुका है। सोमवार की सुबह भूस्खलन के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हुआ था।
सेना और ग्रेफ ने संयुक्त रूप से युद्ध स्तर पर राजमार्ग को खोलने का काम किया। चट्टानों को ब्लास्ट कर राजमार्ग से हटाया गया। बुधवार की सुबह राजमार्ग से चट्टानों को हटाने में कामयाबी मिली।
दोपहर करीब बारह बजे छोटे वाहनों के गुजरने के लिए स्थान तैयार किया गया और सैकड़ों छोटे वाहनों को घाटी की तरफ रवाना किया। करीब छह घंटें तक लगातार छोटे वाहन घाटी की तरफ भेजे गए।
इस बीच बारिश भी जारी थी। करीब छह बजे फिर से मलबा राजमार्ग की तरफ खिसकने लगा। हालात खराब होते देख पुलिस ने एक बार फिर से वाहनों की आवाजाही बंद कर दी।
बारिश के जारी रहने के साथ ही एक बार फिर से मलबा नीचे की तरफ गिरना शुरू हो गया है। इसके चलते यातायात व्यवस्थ्ाा पिऊर चरमरा गया है। यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
एसएसपी उधमपुर लगातार मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। दोपहर करीब 12 बजे जब राजमार्ग को खोला गया तो सैकड़ों की संख्या में पैदल चलने वाले यात्रियों को भी दोनों तरफ भेजा गया।