उधमपुर/मजालता। मजालता तहसील के भरनाड़ा इलाके में बुधवार सुबह दो मेटाडोर के बीच यात्रियों को बिठाने के लिए लगी रेस में एक मेटाडोर टायर फटने पर चालक के नियंत्रण खोने पर बीच मार्ग में पलट गई। दुर्घटना में कंडक्टर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दस यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। चार घायलों को जीएमसी और अन्य चार को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जिले के ग्रामीण इलाकों में मेटाडोर के दुर्घटना का शिकार होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर सप्ताह में एक या फिर दो मेटाडोर के दुर्घटना का शिकार होने के मामले सामने आ रहे हैं। इनके दुर्घटना का शिकार होने का मुख्य कारण या तो ओवरलोडिंग है या फिर ओवर स्पीड सामने आ रहा है। बुधवार सुबह एक और मेटाडोर तेज रफ्तार के कारण दुर्घटना का शिकार हो गई। जानकारी अनुसार सुबह करीब साढ़े आठ बजे सुंदला से मनवाल जा रही मेटाडोर नंबर जेके14सी-3323 की एक अन्य मेटाडोर के रेस लगी हुई थी। दोनों मेटाडोर के चालक ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को बिठाने का प्रयास कर रहे थे। तेज रफ्तार में मेटाडोर जब भरनाड़ा इलाके में पहुंची तो अचानक मेटाडोर का टायर फट गया और फिर मेटाडोर चालक के नियंत्रण से बाहर हो गई और तेज रफ्तार में मेटाडोर बीच मार्ग में ही पलट गई। मेटाडोर के पलटने की आवास सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और यात्रियों को मदद करने लगे। मेेटाडोर के कंडक्टर बोध राज निवासी सुदीला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दस घायलों को उपचार के लिए पीएचसी मजालता पहुंचाया गया, जहां हालत में सुधार न होने चार घायलों को जीएमसी और तीन को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। तीन घायलों का उपचार पीएचसी में ही चल रहा है।
जीएमसी रेफर किए गए घायल
पूर्ण चंद पुत्र फिंदू राम निवासी पलनू, तारो देवी पत्नी त्याल सिंह निवासी मनवाल, अनिल कुमार पुत्र कृष्ण चंद निवासी नक्की और रशपाल पुत्र मुंशी राम निवासी बट्टल।
जिला अस्पताल रेफर किए गए घायल
मनीश देवी पुत्री रमेश चंद्र निवासी बलपर, सिमरण देवी पुत्री शाम सिंह निवासी सुंदला, प्रियंका देवी पत्नी नरेश कुमार निवासी सुनाल।