उधमपुर। जिले के एनिमल हस्बेंडरी विभाग के पास वर्षों से वेटरनरी सेंटर की कमी है, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्र के पशुपालकों को मवेशियों के इलाज के लिए परेशान होना पड़ता है। उपचार के अभाव में कई बार पशुओं की जान भी चली जाती है। विभाग के अधिकारी का कहना है कि मोबाइल वेटरनरी सेंटर की सुविधा को शुरू कर जल्द ही इस समस्या का हल कर दिया जाएगा।
विभागीय रिकार्ड के अनुसार वर्तमान समय जिले में ग्रामीणों के पास तीन ला 99 हजार मवेशी और एक लाख 63 हजार मुर्गे और मुर्गियां हैं। इनके इलाज के लिए विभाग की तरफ से जिले में 99 वेटरनरी सेंटर खोले गए हैं, इसके अलावा 30 वेटरनरी सेंटर इंटरनल अरेंजमेंट के जरिए चलाए जा रहे हैं। 30 में से दो वेटरनरी सेंटर कई वर्षों से बंद पड़े हैं। इसके अलावा 28 इंटरनल अरेंजमेंट के जरिए चल रहे सेंटर में स्टाफ की कमी है, जिसके कारण गांववासियों को इसका पूरी तरह से लाभ नहीं मिल पा रहा है। पशुओं व मुर्गों की संख्या के हिसाब से खोले गए वेटरनरी सेंटर काफी कम हैं और साथ ही गांववासियों के घरों के कई किलोमीटर दूरी पर स्थित है।
मदन लाल, चरण दास, विजय कुमार, काका राम ने कहा कि कई ग्रामीण इलाकों में वेटरनरी सेंटर करीब दस किलोमीटर की दूरी पर हैं। जब भी पशु बीमार होता है तो उसे वेटरनरी सेंटर तक पहुंचाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार पशु वेटरनरी सेंटर में इलाज के लिए पहुंचाने से पहले ही उसकी मौत हो जाती है। जिला उधमपुर में कुल 204 पंचायतें है। सरकार की तरफ से प्रत्येक पंचायत के लिए एक वेटरनरी सेंटर की सुविधा चाहिए।