उधमपुर। देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी के जन्म दिवस को कांग्रेसियों ने धूमधाम से मनाया। कई जगहों पर कार्यक्रम आयोजित कर लौह महिला स्व. गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की कर उनके द्वारा देश को दिए गए योगदान को याद किया गया। उधमपुर में कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं ने सुमित मगोत्रा के नेतृत्व में कार्यक्रम किया, जिमसें जिला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बृजमोहन शर्मा मुख्य अतिथि थे। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव शामलाल समनोत्रा ने कहा कि इंदिरा गांधी ने 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हीं के शासनकाल में स्क्वार्डन लीडर राकेश शर्मा अंतरिक्ष गए थे, जिससे देश की प्रतिष्ठा बढ़ी थी।
वहीं मुख्य अतिथि बृजमोहन शर्मा ने कहा कि 1971 में भारत-पाक युद्ध के दौरान बंगलादेश को बनाने में इंदिरा गांधी की भूमिका रही। जबकि तत्कालीन विपक्ष के नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने इंदिरा गांधी को रणचंडी दुर्गा के उपनाम से भी सुशोभित किया था। कार्यकर्ताओं को इंदिरा गांधी के पदचिह्नों पर चलने और अनुसरण करने का आह्वान किया गया। इस मौके पर गीता देवी, अनंत राम दराई, तारो देवी, सोनू सिंह, कण्व शर्मा, कमल मगोत्रा, सोहनलाल दुबे, आसिफ अली, राकेश शर्मा आदि मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर ब्लाक कांग्रेस कमेटी ने ब्लाक प्रधान विजय मन्हास की अध्यक्षता में कार्यक्रम किया, जिसमें संजीव दुबे मुख्य अतिथि रहे। जबकि राजीव गांधी ब्रिगेड के प्रधान डा. जगदीश पराशर उपस्थित थे।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संजीव दुबे ने कहा कि पूर्व इंदिरा गांधी का अपने शासनकाल में भारतवर्ष के विकास को लेकर ऐसा इतिहास रचा। वहीं, डा. जगदीश पराशर ने कहा कि इंदिरा गांधी ने धर्म निरपेक्षता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। विजय मन्हास ने कहा कि उनके कार्यकाल में भारत विश्व में एक मजबूत राष्ट्र के रूप में उभरा। कार्यक्रम में शंकरदास सडोत्रा, शशि मन्हास, अशोक मेहरा, सुरेश मगोत्रा, शंकर वर्मा, देवराज पंच, रतन लाल, गणेश शर्मा, पवन शर्मा आदि मौजूद रहे।वहीं जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से देश के पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 95वीं जयंती मनाई गई। इस मौके पर कांग्रेस वरिष्ठ नेता अशोक बक्शी सहित कई अन्य नेता व कार्यकर्ताओं ने स्व. इंदिरा गांधी की तस्वीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस मौके पर ओमप्रकाश, रसाल सिंह, विजय पादा, सूरमचंद, राममूर्ति, ओमप्रकाश डोगरा आदि मौजूद रहे।