कश्मीर में हालात खराब होने के बावजूद बाबा बर्फानी के भक्तों में उत्साह कम नहीं हो रहा है। हालात चाहे जैसे भी हाें, लेकिन शिव भक्त दर्शन करने को कोई भी कीमत चुकाने को तैयार हैं।
कड़ी सुरक्षा के बीच सोमवार को जम्मू से अमरनाथ यात्रियों का जत्था अमरनाथ के लिए भेजा गया। 53 वाहनों में सवार 1786 अमरनाथ यात्री भोले के जयघोष लगाते हुए घाटी की ओर गए। जत्थे में पुरुष यात्री 1388, महिला यात्री 347, साधु 45, महिला साधु 5, किन्नर एक शामिल हैं। ये सभी बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए पहलगाम बालटाल के लिए रवाना हुए।
जम्मू से निकला अमरनाथ यात्रियों के जत्थे का पहला वाहन टिकरी में दोपहर 1:40 बजे पहुंचा। आखिरी वाहन दोपहर 1:55 बजे उधमपुर की सीमा को पार कर गया। यात्रियों ने जगह-जगह लगाए गए लंगरों में प्रसाद ग्रहण भी किया।
कश्मीर में हालात चाहे जैसे भी हों, लेकिन बाबा बर्फानी के भक्तों का उत्साह कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बाबा के भक्त हर स्थिति में दर्शन करना चाहते हैं। पंजाब से तीन दिन पहले अमरनाथ यात्रा पर निकले छह मोटरसाइकिल सवार सोमवार सुबह उधमपुर के कारगिल हनुमान मंदिर पहुंचे।
मंदिर परिसर के बाहर बाबा के जयघोष लगाते हुए शिव भक्तों ने बताया कि वह छठी बार अमरनाथ यात्रा पर पंजाब से रवाना हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह के हालात इस बार बने हैं इसके पहले पहले कभी नहीं देखे।
उन्होंने कहा कि जम्मू पहुंचने पर उन्हें पंजीकरण करवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके कारण अब वह उधमपुर में पंजीकरण करवाने के बाद आगे की यात्रा शुरू करेंगे। कश्मीर के हालात के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि हर वर्ष देश के हर कोने से बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए यात्री कश्मीर का रुख करते हैं।
उन्होंने कहा कि कश्मीर में इस तरह के हालात बनाकर भोले के भक्तों को दर्शन करने से रोक पाना मुश्किल है। भक्त अगर घर से यात्रा के लिए निकले हैं तो भोले की आस्था व भक्ति उन्हें उनके दर्शन करने के लिए अमरनाथ पहुंचाएगी। उन्हें पूरा विश्वास है कि बाबा बर्फानी उनकी रक्षा करेंगे।