कृषि एवं संबंधित गतिविधियों के लिए सरकार नई कृषि नीति बनाने जा रही है। नीति तैयार होने से कई समस्याओं का दूरगामी हल हो सकेगा। राज्यपाल एनएन वोहरा के सलाहकार खुर्शीद अहमद गनेई ने ये बातें एसकेआईसीसी परिसर में आयोजित एक दिवसीय किसान मेले के उद्घाटन समारोह में कहीं।
बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे गनेई ने कहा कृषि क्षेत्र राज्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में इसे पर्याप्त तरजीह नहीं मिल पा रही है। कृषि भूमि का गैर कृषि कार्यों में बढ़ता इस्तेमाल चिंता का विषय है।
इसे हर मुमकिन स्तर तक रोकने की जरूरत है। गनेई ने स्कास्ट को जिला स्तर पर एक्सटेंशन सेंटर खोलने को कहा। गनेई ने कहा कि प्रयोगशाला और खेत की दूरियां कम होनी चाहिएं। कीटनाशकों से लेकर खाद की गुणवत्ता जांच के लिए श्रीनगर में हाईटेक लैबोरेटरी स्थापित की जाएगी।
इसके लिए 98 लाख रुपये मंजूर किए जा चुके हैं। इसी तरह से उन्होंने हाई डेंसिटी फ्रूट प्लांटेशन के लिए 500 करोड़ की राशि सुरक्षित करने की जानकारी दी। गनेई ने कहा 50 हेक्टेयर भूमि को इस वर्ष हाई डेंसिटी पौधे विकसित करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
यह पौधे तीन साल में तैयार होंगे और चार गुना अधिक पैदावार देंगे। गनेई ने मेले में आए 200 किसानों की समस्याएं सुनीं। इस अवसर पर विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।