जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में यूं तो आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ जारी है लेकिन सुरक्षा बलों की जद से निकले आतंकी घाटी में बड़ी तबाही को अंजाम दे सकते हैं।
सुरक्षा एजेंसियों को इसे लेकर सतर्क किया गया है। सैन्य अधिकारियों ने कबूल किया है कि कुपवाड़ा के किरन सेक्टर में तीस से अधिक आतंकियों ने घुसपैठ की है। मुठभेड़ में 12 आतंकियों के मारे जाने की बात सामने आ रही है।
मुठभेड़ तीसरे दिन भी जारी रही और आतंकियों ने जंगल का रुख कर लिया। ऐसे में नियंत्रण रेखा के आसपास से दूसरे इलाकों में पहुंचे खूंखार आतंकी बड़ी साजिश को अंजाम दे सकते हैं। यही वजह है कि सेना हेलीकाप्टर से किरन सेक्टर के आसपास के इलाकों को भी सर्च कर रही है।
तीस से अधिक आतंकियों की घुसपैठ एक बड़ी साजिश की तरफ इशारा है। तीन दिन की गोलाबारी के बाद सैन्य अफसर महज एक दर्जन आतंकियों के मारे जाने की बात कहते रहे।
शेष आतंकियों में कितने फरार हो गए और किसने सुरक्षा बलों के जवानों पर फायरिंग कर रहे हैं, इसका आंकड़ा सेना के पास भी नहीं है। तीस से अधिक आतंकियों में से जंगल के रास्ते एक-दो आतंकी भी घाटी में प्रवेश कर गए तो किसी बड़ी वारदात से इंकार नहीं किया जा सकता।
बृहस्पतिवार को लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने दस से बारह आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि की थी। शुक्रवार को आतंकियों के मारे जाने का यह आंकड़ा बढ़ा नहीं। सैन्य अफसरों ने बस इतना कहा कि ऑपरेशन चल रहा है।
मुठभेड़ खत्म होने के बाद तस्वीर साफ हो सकेगी। शुक्रवार को जवानों की फायरिंग के बाद आतंकियों के जंगलों में पीछे हटने की बात भी सामने आई है। यदि कुछ आतंकियों ने मुफीद पनाह तलाश ली तो घाटी में मुश्किलें खड़ी होंगी।
सैन्य अधिकारियों ने माना है कि घुसपैठ करने वाले तीस से अधिक आतंकी लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन और अल बदर नामक संगठनों के हैं।