कठुुआ जिले में मिली आतंकी सुरंग।
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भारत-पाकिस्तान अंतराष्ट्रीय सीमा पर हीरानगर सेक्टर में सुरक्षा एजेंसियां को संदिग्ध सुरंग मिलने की सूचना मिलने से हड़कंप मच गया। गणतंत्र दिवस से ठीक पहले इस तरह का मामला सामने आने के बाद बीएसएफ, हीरानगर पुलिस, एसओजी और सीआरपीएफ की ओर से मौके पर तलाशी अभियान चलाय गया। बार्डर आउट पोस्ट करोल कृष्णा के नजदीक आईबी के 200 मीटर नजदीक मिले मुहाने की गहनता से जांच की गई है।
पिलर नंबर 88 और 89 के बीच चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को सुरंग दिखाई दी। एजेंसियों के अनुसार मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल किसी प्रकार की संदिग्ध चीज नहीं मिली है। गणतंत्र दिवस से पहले अंतराष्ट्रीय सीमा से आतंकी घुसपैठ की लगातार आशंका बनी रहती है।
सुरक्षा एजेंसियों को लगातार इस तरह के इनपुट भी मिल रहे हैं। ऐसे में किसी भी मामले को हल्के में नहीं लिया जा सकता है। इससे पहले भी हीरानगर सेक्टर में सुरंग मिलने और ड्रोन से हथियार गिराने के मामले सामने आ चुके हैं।
वर्ष 2021 में मिली बड़ी सुरंग
- जनवरी 2021 को बोबिया क्षेत्र में डेढ़ सौ मीटर लंबी टनल मिली थी।
- अगस्त 2020 को सांबा में पाकिस्तान द्वारा आतंकवादियों की घुसपैठ के इरादे से बनाई गई सुरंग का पता चला था।
- नवंबर 2020 को सांबा में अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांव रिगाल में एक सुरंग का पता चला था।
बीएसएफ की अभेद्य निगरानी से बचने के लिए सुरंग का हथकंडा
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की हरकत पर नजर रखने के लिए सीमा सुरक्षा बल ने अत्याधुनिक उपकरणों के साथ सुरक्षा ग्रिड तैयार किया है। सीआईबीएमएस यानी कॉम्प्रिहेंसिव इंटीग्रेटेड बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम से आतंकी घुसपैठ के मंसूबे लगातार नाकाम हो रहे हैं।
यह सिस्टम किसी भी मौसम में मानव हलचल को पकड़ लेता है। कई बार आतंकी घुसपैठ की कोशिशों को इसी सिस्टम की मदद से ऐन मौके पर नाकाम कर दिया गया है। यही वजह है कि पाकिस्तान सुरंगें खोदकर आतंकियों को इस पार धकेलने की कोशिशें कर रहा है।