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ग्रामीणों ने रुकवाया रेलवे परियोजना का निर्माण कार्य

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कीर्तिनगर तहसील के मलेथा गांव के आक्रोशित परियोजना प्रभावितों ने रोजगार और स्थानीय वाहनों को काम पर लगाए जाने की मांग के लिए मलेथा में रेलवे परियोजना का निर्माण कार्य बंद करवा दिया। हालांकि बाद में आंदोलन स्थल पर पहुंची एसडीएम के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन 15 दिन के लिए स्थगित कर दिया।
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मंगलवार को ढोल दमाऊं के साथ रेलवे परियोजना के निर्माण स्थल पर पहुंचे मलेथा के प्रभावितों ने कार्यदायी एजेंसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए निर्माण कार्य बंद करवा दिया। इसके बाद ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे से परियोजना कार्यस्थल को जोड़ने वाली सड़क पर टेंट गाढ़ कर धरने पर बैठ गए। इस दौरान परियोजना निर्माण स्थल से बाहर आने जाने वाले वाहनों की आवाजाही ठप रही। दोपहर बाद मौके पर पहुंची एसडीएम कीर्तिनगर ने मांगों पर प्रभावितों के साथ वार्ता की।
प्रभावितों ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन निर्माण से पूर्व आरवीएनएल के अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ बैठक की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रभावित परिवारों को रोजगार दिया जाएगा। लेकिन अब प्रभावितों की हर तरफ से उपेक्षा की जा रही है। परियोजना के निर्माण कार्य में लगी नवयुगा कंपनी प्रभावितों को योग्यतानुसार रोजगार नहीं दे रही है। बल्कि बाहरी प्रदेशों के लोगों और वाहनों से कार्य लिया जा रहा है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य सतेंद्र भट्ट ने कहा कि परियोजना निर्माण से गांव के दो प्राकृतिक जल स्रोत भी नष्ट हो गए है। कार्यदायी एजेंसी निर्माण कार्य में सामूहिक सिंचाई नहर के पानी का उपयोग कर रही है, जिससे सिंचाई में दिक्कत हो रही है। हालांकि बाद में ग्रामीणों ने एसडीएम के आश्वासन पर आंदोलन 15 दिन के लिए स्थगित कर दिया। आंदोलनकारियों में प्रधान अंकित कुमार, पूर्व प्रधान शूरवीर सिंह बिष्ट, अरविंद, रणवीर सिंह, रविद्र सिंह बिष्ट, गोविंद्र प्रसाद, राजेंद्र सिंह राणा, धनवीर रावत, मनोज, राजेश नेगी, मकान सिंह, प्रविन गुसांई, यतेंद्र राणा, प्रेम लाल, नरेंद्र सिंह, सुभाष भट्ट आदि शामिल थे।
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