हमले को एक माह बीता, बायसरन अब भी खामोश
बायसरन हमले के एक माह पूरा होने पर हमने ग्राउंड जीरो से जानना चाहा कि पहलगाम और बायसरन कितना उबर पाया उस दहशत से। बहुत कुछ बदल गया है। रौनक अब नहीं रही। हां, यहां के लोगों में एक उम्मीद जिंदा है कि वीरानी जाएगी और चहल-पहल लौटेगी।
हम गुरुवार की दोपहर में पहलगाम के सर्किट हाउस वाली रोड पर थे। इससे कुछ दूर आगे से बायसरन का रास्ता शुरू होता है। हमें यहीं रुकना था, क्योंकि कुछ किलोमीटर आगे तारबंदी थी। बायसरन से चार किलोमीटर पहले सुरक्षाबलों के जवान उस स्थान पर पहरा दे रहे हैं।
पहलगाम में बंद बाजार और सड़कों पर सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला
एनआईए ने इलाके को पूरी तरह से सील किया है
आगे जाने से रोकने के लिए सड़क पर कंटीली तार भी बिछाई गई है।सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि हमले के तुरंत बाद इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अपने हाथों में लेने के बाद से सबूतों को तलाशने और जांच प्रक्रिया के तौर पर इलाके को सील किया गया था। साथ ही सुरक्षा कारणों के चलते कई अन्य पर्यटन स्थलों को भी बंद रखा गया है।
पहलगाम में बंद बाजार और सड़कों पर सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला
पहलगाम में बंद बाजार और सड़कों पर सन्नाटा
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पर्यटक बोले इस बार नहीं सही, अगली बार जरूर आएंगे बायसरन
इस बार न सही, हालात हम समझते हैं, फिर आएंगे जल्द हीएक अन्य पर्यटक ब्रह्माकुमारी रचना ने कहा कि पहलगाम का मौसम और हसीन वादियां बेहद शानदार हैं। कश्मीर सही में धरती का स्वर्ग है। मिनी स्विट्जरलैंड देखने का मन था, लेकिन वहां तक जाना अभी मना है। अगली बार जब भी आऊंगी, बायसरन जरूर जाऊंगी, क्योंकि जिसने मिनी स्विट्जरलैंड नहीं देखा, उसका पहलगाम आना अधूरा है।
पहलगाम में बंद बाजार और सड़कों पर सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला
दिन में करीब 40-50 पर्यटक आ रहे हैं
कुछ आगे बढ़ने पर ढाबे वाले शब्बीर हुसैन से हम हाल जानने की कोशिश करते हैं। मानो उनके दिल का गुबार बाहर आता है। कहते हैं कि रौनक छीन ली दहशतगर्दों ने। शब्बीर व उनके साथियों ने घटना की निंदा कर प्रदर्शन भी किया था। शब्बीर कहते हैं कि पहली बार ऐसा हुआ है कि निहत्थों को मारा गया। इससे पर्यटन क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ, लेकिन अब थोड़े पर्यटक आने शुरू हुए और हमारी भी आस जगी है। दिन में करीब 40-50 पर्यटक आ रहे हैं।
छूट देकर संख्या बढ़ाने की कोशिशपहलगाम होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष जावेद बुर्जा ने बताया कि इस समय पहलगाम में धीरे-धीरे कारोबार उठना शुरू हुआ है। करीब 10-12 प्रतिशत की बुकिंग है और आगे के लिए भी पूछताछ शुरू हो गई है। हम भी डिस्काउंट दे रहे हैं और जो भी पर्यटक आएगा, उसे हम 50 प्रतिशत का डिस्काउंट देंगे। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।