श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस के कश्मीर रेंज के आईजीपी ने कहा कि कश्मीर घाटी में शांतिपूर्ण माहौल को देख पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। इस साल अब तक करीब 300 से अधिक एमपी यहां का दौरा कर चुके हैं। इसके अलावा बाकी राज्यों से लोग आए हैं। उन्होंने कहा कि इससे आतंकी आका बौखला गए हैं और उन्होंने अपनी मोडस ऑपरेंडी में बदलाव किया है। आईजीपी ने कहा कि इस साल अब तक आतंकवादियों से 97 पिस्तौल बरामद किए गए हैं जो दर्शाता है कि हाइब्रिड आतंकवादियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।, जो निहत्थे पुलिसकर्मियों, नागरिकों और राजनीतिक नेताओं को निशाना बना रहे हैं।
आईजीपी विजय कुमार ने कहा कि इस वर्ष पुलिस और सेना एक नए मिशन पर निकली थी कि जो नए आतंकी हैं उन्हें मुख्यधारा में शामिल होने का मौका दिया जाए। शुरू के महीनों लोगों का और उनके परिवार वालों का काफी ज़्यादा सहयोग मिला। इतना ही नहीं जो कुछ युवा आतंकी बनने वाले थे वो भी वापस आ गए। इस सकारात्मक बदलाव को देख पाकिस्तान में बैठे आतंकी आका बौखला गए। इसके चलते उन्होंने एक मोडस ऑपरेंडी अपनाया कि जो बेक़सूर सिविलियन हैं या निहथे पुलिसकर्मी हैं उन्हें पिस्तौल से निशाना बनाया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया गया जो या तो घर छुट्टी पर थे या ड्यूटी पर नहीं थे। आईजीपी ने बताया कि 85 प्रतिशत घटनाओं में पिस्तौल का उपयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि पिस्तौल को छुपाना और एक जगह से दूसरी जगह ले जाना आसान होता है इसलिए पाकिस्तान ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है।
हाईब्रिड आतंकी पुलिस की लिस्ट में नहीं होते
उन्होंने कहा कि हाइब्रिड आतंकी ऐसे लोग हैं जो हमारी लिस्ट में नहीं है, लेकिन यह लगातार आतंकियों के संपर्क में रहते हैं, इन्हे लोकली ट्रेन किया जाता है और घटना को अंजाम देने के बाद यह सामान्य कामकाज में लग जाते हैं। उन्होंने हाल की पुलिस सब.इंस्पेक्टर की हत्या का उदाहरण देते हुए कहा कि उसमें तीन आतंकी शामिल थे जिनमें से एक को गिरफ्तार कर लिया गया। उससे पूछताछ के बाद 8 ओजीडब्ल्यू को गिरफ्तार किया गया जिसमें 6 पुलिस की सूची में थे ही नहीं। इसी तरह से हाइब्रिड आतंकी काम करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिसकर्मियों को एहतियात बरतने की जरूरत है। वनपुह में एसओजी के जवान की हाल ही में हत्या को लेकर उन्होंने कहा कि एसओजी के जवानों को कैंप के बाहर ऐसे नहीं घूमना नहीं चाहिए।
मुठभेड़ में मारा गया आतंकी पाकिस्तानी था
आईजीपी ने कहा कि जैश कमांडर लंबू भाई के साथ जो दूसरा आतंकी मुठभेड़ के दौरान मारा गया था उसकी डीएनए रिपोर्ट आ गई है। वो समीर डार नहीं है बल्कि वो एक पाकिस्तानी आतंकी है। उन्होंने कहा कि पीओके से भी इसकी पुष्टि हुई है। वो जैश का कमांडर था और उसका नाम अब्दुल गाजी रशीद है। बता दें कि दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल के ऊपरी इलाके में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच 31 जुलाई को हुई भीषण मुठभेड़ में जैश के टॉप आतंकी और आईईडी एक्सपर्ट लंबू समेत दो आतंकियों को मार गिराया गया।