- यूनियनों का कहना, स्मार्ट सिटी बस विवाद के बीच उनकी रोजी-रोटी है दांव पर
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। स्मार्ट सिटी बस विवाद को लेकर पूरी घाटी में हुए चक्का जाम के कुछ दिनों बाद कश्मीर के ट्रांसपोर्टरों ने 12 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है तो सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह से ठप हो जाएगा।
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन कश्मीर के अध्यक्ष शब्बीर मट्टा ने कहा कि यह फैसला 20 अप्रैल के बंद के बाद परिवहन निकायों की ओर से बार-बार संपर्क किए जाने के बावजूद अधिकारियों की ओर से लगातार निष्क्रियता के चलते लिया गया है। मट्टा ने कहा कि हमने सरकार को 11 मई तक का समय दिया है। यदि हमारी जायज मांगें पूरी नहीं की गई तो 12 मई से पूरे कश्मीर में चक्का जाम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दक्षिण, उत्तर और मध्य कश्मीर के ट्रांसपोर्टरों ने प्रशासन से मिलकर और सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखकर बातचीत करने की कोशिश की थी लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने हमसे पहले ही बातचीत के लिए बुलाया होता तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती।मट्टा ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन इस क्षेत्र से जुड़े हजारों लोगों की रोजी-रोटी बचाने की चिंताओं के कारण किया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि हम न तो सरकार के खिलाफ हैं और न ही विकास के, लेकिन हमारी रोजी-रोटी छीनी जा रही है। पहले हमारी रोजी-रोटी बचाई जाए उसके बाद हम दूसरे मुद्दों पर बात कर सकते हैं। 20 अप्रैल की हड़ताल का जिक्र करते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि इससे आम जनता, खासकर छात्रों और मरीजों को काफी परेशानी हुई थी। हम ऐसा दोबारा नहीं करना चाहते लेकिन हमें ऐसा करने पर मजबूर किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी बस सेवाओं के उन मार्गों पर विस्तार को लेकर अपनी चिंताएं दोहराईं जिन पर पारंपरिक रूप से निजी ट्रांसपोर्टर ही बसें चलाते आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में स्थानीय हितधारकों को नजरअंदाज किया जा रहा है।