फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Srinagar News: 68 दिन और 23 घंटों में कन्याकुमारी से कश्मीर पहुंचीं सूफिया

विज्ञापन
श्रीनगर पहुंचीं सूफिया। संवाद
विज्ञापन
- 4167 किलोमीटर दौड़कर श्रीनगर पहुंचीं, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया नाम
विज्ञापन

- कन्याकुमारी से काराकोरम तक होगी दौड़, अगले पड़ाव के लिए रवाना
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। राजस्थान के अजमेर की प्रसिद्ध अल्ट्रा मैराथन धाविका और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक सूफिया सूफी सोमवार को श्रीनगर पहुंचीं। कन्याकुमारी से कश्मीर तक 4167 किलोमीटर की दौड़ 68 दिन और 23 घंटों में पूरी कर अपना छठा विश्व रिकॉर्ड कायम किया। मंगलवार को उन्होंने अपने अगले पड़ाव काराकोरम के लिए दौड़ शुरू की।
सूफिया ने बताया कि उन्होंने अपनी महत्वाकांक्षी 5 हजार किलोमीटर की एकल दौड़ 12 मई को कन्याकुमारी से शुरू की थी। यह दौड़ 7 अगस्त को काराकोरम पास पर पूरी होगी। इस दौरान वे भारत के 11 राज्यों से गुजरेंगी। यात्रा के दौरान सुफिया ने कहा कि यह अभियान सेना को समर्पित है जिसके जवान देश की सीमाओं की रक्षा के लिए साहस, समर्पण और बलिदान दे रहे हैं।
विज्ञापन


कश्मीर में मिले स्वागत और समर्थन के लिए सुफिया ने सुरक्षा एजेंसियों और जिला प्रशासन का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि लोगों का यह प्रोत्साहन उनकी आगे की यात्रा के लिए बड़ी प्रेरणा है। सुफिया ने कहा कि रन फॉर ड्रीम्स अभियान के जरिए वे लोगों, खासकर युवाओं को यह संदेश देना चाहती हैं कि दृढ़ निश्चय, अनुशासन और लगन से अपने सपनों को हासिल किया जा सकता है। साथ ही इस अभियान से देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देना और सेना की निस्वार्थ सेवा को सम्मान देना भी मकसद है
ये रिकॉर्ड उन सभी लोगों का जिन्होंने हौसला बढ़ाया
सूफिया ने कहा कि जब यह दौड़ शुरू हुई तो मुझे पता था कि यह रास्ता हर तरह से मेरी परीक्षा लेगा। ऐसे दिन भी आए जब गर्मी असहनीय थी, लगातार बारिश हुई, भारी ट्रैफिक मिला, पहाड़ चढ़ने पड़े, दर्द और थकान हुई। कई पल ऐसे भी आए जब मेरा शरीर रुक जाना चाहता था लेकिन मुझे पता था कि मैंने यह क्यों शुरू किया था। यह रिकॉर्ड सिर्फ मेरा नहीं है। यह उन सभी लोगों का है जो सड़क किनारे खड़े होकर हौसला बढ़ाते रहे। उन लोगों का जिन्होंने मेरे साथ मीलों तक दौड़ लगाई। उन सैनिकों का जिन्होंने मेरा उत्साह बढ़ाया, उन लोगों का जिन्होंने मेरी सुरक्षा के लिए प्रार्थना की और उन सभी का जिन्होंने मुझे आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित किया।
विज्ञापन

मेरी शानदार टीम का बहुत-बहुत धन्यवाद
मेरी शानदार टीम का बहुत-बहुत धन्यवाद जो हर दिन मेरे साथ खड़ी रही और यह सुनिश्चित किया कि मैं आगे बढ़ती रहूं। कन्याकुमारी से कश्मीर तक, हमने न सिर्फ एक रिकॉर्ड तोड़ा बल्कि यह भी दिखाया कि अटूट विश्वास, साहस और निरंतरता से क्या कुछ हासिल किया जा सकता है। रिकॉर्ड तो बन गया, लेकिन दौड़ जारी रहेगी। अब कल से विशाल काराकोरम की ओर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें