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Srinagar News: कृषि के आधुनिकीकरण की योजनाओं के साथ गोंगुल का समापन

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श्रीनगर ​स्थित स्कॉस्ट में आयोजित कृ​षि मेले में धान की किस्में। अमर उजाला
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- स्कॉस्ट-कश्मीर में आयोजित तीन दिवसीय मेले में शामिल हुए हजारों किसान, कारोबारी और आम लोग
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी ऑफ कश्मीर के गोंगुल 2026 एग्रीटेक मेले का सोमवार को समापन हो गया। शनिवार को भविष्य में खेती की झलक के साथ शुरू हुए सूबे के सबसे बड़े कृषि मेले का सोमवार को कृषि के आधुनिकीकरण की योजनाओं के साथ समापन हुआ।
नेक्स्टजेन एग्रीकल्चर : मेरी उपज मेरी कीमत है थीम पर लगे इस मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने किया था। इस मेले में 400 से अधिक स्टॉल लगे थे, वहीं हजारों किसान, कारोबारी और आम लोग इसमें शामिल हुए। कृषि मेले में अत्याधुनिक तकनीकों, उन्नत मशीनरी, उच्च गुणवत्ता वाली रोपण सामग्री और बीज, पशुओं की उन्नत नस्लों का स्टॉल लगाकर प्रदर्शन किया।
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मेगा बायर सेलर मीट और एफपीओ कॉन्क्लेव, डॉग एंड पेट शो, भविष्य के लिए तैयार हरित समाधान पर स्मार्ट इंफ्रा शो, ब्रांड बिज 2.0 फेस्ट, फूड कार्निवल, स्टार्टअप और टेक शो, उद्योग प्रदर्शनी, जैविक और प्राकृतिक खेती की प्रदर्शनी, औषधीय और सुगंधित पौधों की प्रदर्शनी, बीज की प्रदर्शनी, मशरूम की प्रदर्शनी, केवीके उत्कृष्टता पर प्रदर्शनी, सब्जी व फलों की प्रदर्शनी, कृषि कला और शिल्प की प्रदर्शनी, फ्लॉवर शो, पशु व पौधे देखभाल और संरक्षण पर प्रदर्शनी, मेगा किसान-वैज्ञानिक संवाद आदि का आयोजन किया गया। हैं। स्कॉस्ट-के स्टॉल पर एआई के इस्तेमाल के साथ नवाचार और आधुनिक खेती के तरीके दिखाए गए। पशुओं की नस्ल सुधार पर भी फोकस किया गया।
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आधुनिक तकनीक को किसानों तक पहुंचाएंगे : वाइस चांसलर
स्कॉस्ट कश्मीर के वाइस चांसलर प्रो. नजीर अहमद गनई ने अमर उजाला को बताया कि संस्थान हर साल किसानों को नई तकनीक और उन्नत नस्लों की जानकारी देने के अलावा बेहतर बीज भी उपलब्ध कराता है। हमारा पूरा ध्यान इस बात पर है कि खेती में कम से कम लागत और मेहनत पर अधिक से अधिक लाभ लिया जा सके, तभी बाजार के मुकाबले में ठहर पाएंगे। अपने उत्पाद को विश्वस्तरीय और कम कीमत का बनाना होगा। मेले के बाद अब हम आधुनिक तकनीक को किसानों तक पहुंचाएंगे। इसके लिए देर दराज के गांवों में भी शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
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