बडगाम में पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों पर सिम कार्ड देने वाले रैकेट का भंडाफोड़ कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस रैकेट का पता लगाने के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है जो पूरी तरह से आतंकवादी कोण सहित मामले की जांच करेगा।
सिम का उपयोग आपराधिक कृत्यों को अंजाम देने के लिए
एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि पीओएस एजेंटों का एक समूह बडगाम जिलों में निर्दोष लोगों के दस्तावेजों पर सिम कार्ड जारी करता था। इन सिम का उपयोग आपराधिक कृत्यों को अंजाम देने के लिए किया जाता था। इस मामले में एक प्राथमिकी बडगाम पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी।
इसकी जांच के दौरान तीन व्यक्तियों इकबाल हुसैन खांडे निवासी सेबदान, मोहम्मद इशाक भट निवासी क्रेमशोर और गुलाम हसन डार निवासी बडगाम के रजवेन क्षेत्र को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार तीनों व्यक्ति खुदरा विक्रेताओं के रूप में काम कर रहे थे।
फर्जी नामों पर सिम कार्ड जारी करते थे
अपने एजेंटों, परिवार के सदस्यों और खुद की तस्वीरों का उपयोग करके फर्जी नामों पर सिम कार्ड जारी करते थे। एक सहायक पहचान दस्तावेज के रूप में, कुछ आरोपियों ने नकली बैंक पासबुक तैयार करने के लिए जेएंडके बैंक शाखा क्रेमशोर की जाली मुहर का भी इस्तेमाल किया।
डोडा में भी दो गिरफ्तार
नकली पहचान और सत्यापन पर सिम कार्ड बेचने वाले एक रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले ने पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने जानकारी दी है कि एक सिम कार्ड विक्रेता जफर हुसैन निवासी दुदवार तहसील गंडोह फर्जी पहचान पर सिम कार्ड देकर लोगों को धोखा देता था।
बेगुनाहों को फंसाया जाता था
इन सिम कार्डों से बेगुनाहों को फंसाया जाता था। इसका उपयोग राष्ट्र विरोधी गतिविधियों या अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया जाता है। आरोपी लंबे समय से अपने सहयोगी मोहम्मद तैयब निवासी गंडोह के साथ इस रैकेट को चला रहा था।
विभिन्न व्यक्तियों को लगभग 39 नकली सिम जारी किए
प्रारंभिक जांच के दौरान पाया गया है कि विक्रेता ने विभिन्न व्यक्तियों को लगभग 39 नकली सिम जारी किए हैं। आने वाले दिनों में यह संख्या बढ़ने की आशंका है। इस संदर्भ में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। साथ ही जिले भर में ऐसे विक्रेताओं की पहचान करने के लिए प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई है, ताकि उन्हें जल्द पकड़ा जा सके। संवाद