अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कश्मीर भर के नर्सिंग उम्मीदवारों ने सरकारी अस्पतालों में लंबे समय से खाली पड़े नर्सिंग पदों को लेकर तुरंत विज्ञापन निकालने और इन्हें भरने की मांग की है। उम्मीदवारों ने कहा कि इस देरी से हेल्थकेयर सिस्टम और हजारों योग्य नर्सों के भविष्य दोनों पर बुरा असर पड़ रहा है।
उम्मीदवारों ने कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है जिसमें केंद्र शासित प्रदेश में नर्सिंग भर्ती पर अनुचित और लंबी चुप्पी को लेकर उनसे तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की गई है। ज्ञापन में लिखा है, वर्ष 2021 से नर्सिंग पदों के लिए कोई बड़ी भर्ती अभियान नहीं चलाया गया है जबकि जिला अस्पतालों, प्राइमरी हेल्थ सेंटरों (पीएचसी), कम्युनिटी हेल्थ सेंटरों (सीएचसी) और नए स्थापित मेडिकल कॉलेजों में हजारों पद खाली हैं।इसमें आगे कहा गया है, 2021 से खाली पदों को भरने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है जबकि अस्पताल कर्मचारियों की भारी कमी के साथ काम कर रहे हैं।
नर्सिंग स्टाफ की कमी ने मौजूदा कर्मचारियों पर बहुत ज्यादा दबाव डाल दिया है जिससे मरीजों की पूरी देखभाल नहीं हो पा रही है। अस्पतालों को अपर्याप्त कर्मचारियों के साथ काम करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है जिससे मरीजों की देखभाल की गुणवत्ता से समझौता हो रहा है, खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में।