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भारत की भावना का जीता-जागता प्रतीक है एनसीसी राष्ट्रीय एकता शिविर : उपराज्यपाल

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श्रीनगर में एनसीसी कैडेट्स का कार्यक्रम और उसमें मौजूद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा। स्रोत राज भवन
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- मनोज सिन्हा ने विशेष राष्ट्रीय एकता शिविर में एनसीसी कैडेट्स से बातचीत की
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) निदेशालय, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की ओर से आयोजित विशेष राष्ट्रीय एकता शिविर में हिस्सा लिया। देश भर से आए एनसीसी कैडेट्स के साथ बातचीत के दौरान एलजी ने कहा कि यह विशेष शिविर भारत की भावना का जीता-जागता प्रतीक है, जहां हर कैडेट न केवल इतिहास का गवाह बन रहा है बल्कि उसे सक्रिय रूप से गढ़ भी रहा है।

उपराज्यपाल ने कहा, भारत अपनी उम्मीद और भरोसा अपने युवाओं पर रखता है इस विश्वास के साथ कि युवा पीढ़ी देश को और भी ऊंचाइयों पर ले जाएगी। कैडेट्स को एनसीसी के मूल्यों को अपनाकर और उन्हें अलग-अलग समुदायों तक पहुंचाकर इस भरोसे का मान रखना चाहिए। भारत के लिए विविधता ही सबसे बड़ी ताकत है और सदियों से हमारी सबसे बड़ी ताकत विविधता को एकता में बदलना और कई संस्कृतियों को एक साझा राष्ट्रीय भावना में पिरोना रही है।
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विविधता में एकता के मूल्य और नेतृत्व के जो गुण आपने इस शिविर में सीखे हैं, उनका उपयोग समाज को बेहतर बनाने में किया जाना चाहिए। यह भी उतना ही जरूरी है कि यहां बोए गए देशभक्ति के बीज को पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ आपके राज्यों और शहरों के युवाओं तक पहुंचाया जाए।

एनसीसी के युवा आज भारत की ताकत भी हैं और उसके भविष्य के निर्माता भी। युवा ऐसी दुनिया की विरासत संभाल रहे हैं जिसमें तेजी से बदलाव आ रहे हैं जिससे कई देश अस्थिर हो सकते हैं लेकिन भारत के युवा आत्मविश्वास से भरे हैं और इन चुनौतियों का साहस और क्षमता के साथ सामना करने के लिए जरूरी कौशलों से लैस हैं।

मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि एनसीसी कैडेट्स में एक अद्भुत रचनात्मक ऊर्जा और आगे बढ़ने का मजबूत जज्बा है। मैं चाहता हूं कि उस ऊर्जा को एक स्पष्ट उद्देश्य के साथ सही दिशा दी जाए ताकि भविष्य में आने वाली हर चुनौती के सामने आप मजबूती से खड़े हो सकें। एनसीसी का आदर्श वाक्य है एकता और अनुशासन। इसी आदर्श से प्रेरित होकर आपको अपने राज्यों और क्षेत्रों में एकता को बढ़ावा देने, बातचीत और सम्मान के माध्यम से सामाजिक समस्याओं को सुलझाने और विकसित भारत के लिए एक मार्ग बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।
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इस कार्यक्रम में एनसीसी कैडेटों की ओर से मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं जिन्होंने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को जीवंत रूप से प्रदर्शित किया। यह शिविर पूरे देश से 340 कैडेटों और एनसीसी अधिकारियों को एक साथ लाता है। इस दौरान एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स, जीओसी चिनार कोर लेफ्टिनेंट जनरल बलबीर सिंह, जम्मू कश्मीर और लद्दाख निदेशालय के अतिरिक्त महानिदेशक एनसीसी मेजर जनरल अनुपेंद्र बेवली, जीओसी मेजर जनरल अभिजीत मित्रा, मंडलायुक्त अंशुल गर्ग, एसएसपी डॉ. जीवी संदीप चक्रवर्ती, उपायुक्त अक्षय लाबरू आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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