- आईजीपी कश्मीर ने उपराष्ट्रपति के कश्मीर दौरे से पहले सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की
- किसी भी स्थिति में तेजी से जवाब देने के लिए काउंटर-इंसर्जेंसी और क्विक रिएक्शन टीमों (क्यूआरटी) की रणनीतिक तैनाती पर की चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस के कश्मीर जोन के आईजी वीके बिरदी ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के कश्मीर यूनिवर्सिटी (केयू) के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के दौरे से पहले शुक्रवार को घाटी में उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्कता बरतने, चौबीस घंटे पेट्रोलिंग और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए।
बता दें कि उपराष्ट्रपति 26 फरवरी को यहां कश्मीर यूनिवर्सिटी के 21वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए श्रीनगर पहुंचे रहे हैं। पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि कश्मीर के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजीपी) वीके बिरदी ने शुक्रवार को पीसीआर कश्मीर में बैठक की। इसमें अलग-अलग सुरक्षा और इंटेलिजेंस एजेंसियों के सीनियर अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान वीवीआईपी दौरे के लिए पूरे इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत सुरक्षा योजना पेश की गई और उसकी समीक्षा की गई।
प्रवक्ता ने कहा कि आईजीपी कश्मीर ने संभावित आतंकवादी खतरे से असरदार तरीके से निपटने के लिए अधिक सतर्कता बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। बिरदी ने इंटेलिजेंस इकट्ठा करने के तरीकों को मजबूत करने, संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा मजबूत करने और असरदार एरिया और नाइट डोमिनेशन सुनिश्चित करने की अहमियत पर जोर दिया। प्रवक्ता ने कहा कि महत्वपूर्ण इमारतों और जगहों को सुरक्षित करने पर खास जोर दिया गया।
किसी भी नई स्थिति में तेजी से जवाब देने के लिए काउंटर-इंसर्जेंसी और क्विक रिएक्शन टीमों (क्यूआरटी) की रणनीतिक तैनाती पर भी चर्चा हुई। बिरदी ने अधिकारियों को घाटी के शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में सुरक्षा उपाय बढ़ाने का निर्देश दिया जिसमें चौबीसों घंटे पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए और खास एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर निगरानी बढ़ाई जाए। आईजीपी ने निर्देश दिया कि कर्मचारियों को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) के बारे में अच्छी तरह से जानकारी दी जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने के लिए संवेदनशील इलाकों पर कड़ी नजर रखी जाए।
प्रवक्ता ने कहा कि बैठक में मौजूद अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को पूरे तालमेल और सटीकता के साथ लागू करने का अपना वादा दोहराया। बैठक खत्म करते हुए आईजीपी कश्मीर ने सभी बलों की सामूहिक जिम्मेदारी दोहराई कि वे एक सुरक्षित माहौल बनाए रखें। वीवीआईपी, निवासियों और आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।