- याचिका में की गई है जन सेवा गारंटी अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने सोमवार को एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर जम्मू-कश्मीर प्रशासन को नोटिस जारी किया। इस याचिका में जन सेवा गारंटी अधिनियम (पीएसजीए) 2011 और इसके नियमों के प्रभावी कार्यान्वयन की मांग की गई है।
यह पीआईएल डॉक्टर और पर्यावरणविद् शेख गुलाम रसूल द्वारा दायर की गई है जिन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा अधिनियम के अनुपालन न करने का आरोप लगाया है। चीफ जस्टिस अरुण पल्ली और जस्टिस राजनेश ओसवाल की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता के वकील की दलीलें सुनने के बाद नोटिस जारी किया। वकील ने बताया कि सरकार के बार-बार जारी सर्कुलरों के बावजूद होम, रेवेन्यू और ट्रांसपोर्ट जैसे कई विभागों ने निरीक्षण, जागरूकता कार्यक्रमों और दंडों के रिकॉर्ड नहीं रखे हैं।
आरटीआई जवाबों से पता चला है कि यहां तक कि जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट (जीएडी) ने भी प्रशिक्षण, जागरूकता कार्यक्रमों और अनिवार्य निरीक्षणों पर खर्च के रिकॉर्ड उपलब्ध न होने की बात स्वीकारी है। याचिका में यह भी आरोप है कि 2012 में गठित पब्लिक सर्विस मैनेजमेंट सेल ने पीएसजीए नियमों के नियम 17 के तहत अपनी अनिवार्य जिम्मेदारियां नहीं निभाई हैं।
उप महाधिवक्ता ने अधिकारियों की ओर से नोटिस स्वीकार किया और जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। बेंच ने मामले को 4 मार्च के लिए स्थगित कर दिया।