संवाद न्यूज एजेंसी
बारामुला। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत वीरवार को सरकारी डिग्री कॉलेज उड़ी में मेगा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य लोगों खासतौर पर युवाओं को मादक पदार्थों के दुरुपयोग के हानिकारक प्रभावों के बारे में संवेदनशील बनाना था।
इस कार्यक्रम में छात्रों, कॉलेज स्टाफ, अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को पदार्थों के दुरुपयोग के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक परिणामों के बारे में शिक्षित किया गया और नशामुक्त समाज बनाने में सामूहिक प्रयासों के महत्व पर जोर दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एजी रैना ने संबंधित बढ़ती चिंताओं को उजागर किया।
कार्यक्रम के दौरान नशे की लत की समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया गया और समय रहते जागरूकता, रोकथाम और सामुदायिक भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया गया। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे नशे से दूर रहें और समाज में बदलाव के राजदूत के रूप में कार्य करें। सभी प्रतिभागियों ने नशा-विरोधी प्रतिज्ञा ली। इसमें उन्होंने न केवल नशे से दूर रहने की प्रतिबद्धता दोहराई बल्कि समाज से मादक पदार्थों की समस्या को खत्म करने के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम का समापन एक मजबूत संदेश के साथ हुआ जो एकता और जिम्मेदारी पर जोर देता है और समाज को स्वस्थ और नशा-मुक्त बनाने के संकल्प को मजबूत करता है।