- फास्ट ट्रैक पॉक्सो कोर्ट ने 25 वर्षीय युवक को ठहराया दोषी, जुर्माना और क्षतिपूर्ति का भी आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। श्रीनगर की फास्ट ट्रैक पॉक्सो अदालत ने शुक्रवार को 25 वर्षीय एक युवक को किशोरी के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में 14 वर्ष कैद की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी पर 15,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। पीड़िता के पुनर्वास के लिए 5 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान करने का आदेश दिया गया है।
अदालत के पीठासीन अधिकारी उमी कुलसूम ने 30 दिसंबर को शाहिद अली शेख (श्रीनगर निवासी) को पॉक्सो एक्ट की धारा 4 तथा आईपीसी की धारा 363 (अपहरण) और 376 (दुष्कर्म) के तहत दोषी करार दिया था।
अदालत ने पॉक्सो एक्ट के तहत 14 वर्ष, आईपीसी की धारा 376 के तहत 10 वर्ष और धारा 363 के तहत 7 वर्ष की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना न चुकाने पर अतिरिक्त तीन महीने की कैद होगी। यह मामला अप्रैल 2021 का है, जब पीड़िता के पिता ने अपनी 17 वर्षीय बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने एक इलाके से आरोपी की कस्टडी से किशोरी को बरामद किया। मेडिकल जांच में यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई।
बचाव पक्ष ने आरोपी की युवा उम्र, कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड न होना, परिवार पर निर्भरता और सुधारात्मक न्याय की मांग की जबकि अभियोजन पक्ष ने पॉक्सो एक्ट के निवारक उद्देश्य और बच्चों पर ऐसे अपराधों के स्थायी प्रभाव को देखते हुए कड़ी सजा की मांग की। अदालत ने माना कि गंभीर परिस्थितियां राहत देने वाले कारकों से अधिक थीं इसलिए न्यूनतम से अधिक लेकिन अधिकतम से कम सजा उचित है।
पीड़िता को पहले ही 2 लाख रुपये की अंतरिम क्षतिपूर्ति मिल चुकी है। अदालत ने अंतिम रूप से 5 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति मंजूर की है जिसे श्रीनगर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) को राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जम्मू-कश्मीर के माध्यम से जारी करने का निर्देश दिया गया है।