अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। पुलिस ने कुछ समाचार चैनलों, मीडिया आउटलेट्स, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों की ओर से जानबूझकर झूठी, मनगढ़ंत और गुमराह करने वाली जानकारी फैलाने को गंभीरता से लिया है। श्रीनगर पुलिस ने साइबर थाने में एफआईआर दर्ज की है।
श्रीनगर पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि कई प्रोफाइल की पहचान की गई है और संबंधित लोगों को साइबर सेल में बुलाया गया है। जांच तेजी से चल रही है और इसमें शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रवक्ता ने बताया कि कुछ जाने-माने लोग ऐसी झूठी जानकारी फैलाकर भड़काने की कोशिश कर रहे हैं जिनसे शांति और कानून व्यवस्था में खलल पड़ सकता है। ऐसी सभी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
ये लोग जानबूझकर गलत बातें और बिना सत्यापन वाला कंटेंट फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। इस तरह की गलत जानकारी वाले कैंपेन देश की शांति, सुरक्षा और एकता के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। श्रीनगर पुलिस ने चेतावनी दी है कि फेक न्यूज, भड़काऊ कंटेंट या बिना सत्यापन जानकारी फैलाने पर सख्त कानूनी नतीजे भुगतने होंगे। लोगों और मीडिया संगठनों को सलाह दी जाती है कि वे जिम्मेदारी लें और सांप्रदायिक सद्भाव या कानून व्यवस्था में खलल डालने वाला कोई भी कंटेंट शेयर करने से पहले सिर्फ आधिकारिक और भरोसेमंद स्रोत से ही फैक्ट्स वेरीफाई करें।
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महबूबा ने की आलोचना, पुनर्विचार की मांग
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर घाटी में मौजूदा हालात के बीच सोशल मीडिया पर प्रतिबंध की आलोचना की है। साथ ही उन्होंने केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय, जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से प्रतिबंध के फैसले पर पुनर्विचार की अपील की है।