- शिक्षा मंत्री ने कहा अभिभावकों से ज्यादा पैसे लेने वाले स्कूलों के लिए गंभीर नतीजे होंगे
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू ने कहा कि सरकार उन सभी प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी जो संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी आदेशों और नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों की ओर से पालन किए जाने वाले नियमों को पहले ही सूचित कर दिया है।
मंत्री ने कहा कि हमने जेकेबोस के अधिकारियों को सरकारी आदेशों को लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। हमें अभिभावकों से बहुत सारी शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों की जांच की गई और इस संबंध में हमने पहले ही चार प्राइवेट स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी है और सरकारी आदेशों और नियमों का उल्लंघन करने के लिए चार अन्य प्राइवेट स्कूलों पर जुर्माना लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि जहां भी हमें किसी प्राइवेट स्कूल के खिलाफ सरकारी निर्देशों और नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलेगी हम शिकायत की जांच करेंगे और सख्त कार्रवाई करेंगे जैसा कि हमने पहले ही आठ स्कूलों के खिलाफ किया है। मंत्री ने यह भी कहा कि पूरी जवाबदेही होगी और किसी को भी सरकारी नियमों का उल्लंघन नहीं करने दिया जाएगा। इसके अलावा इत्तू ने केंद्र शासित प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों और किताबों की दुकानों को नए और सख्त निर्देश जारी किए हैं जिसमें सरकारी नियमों का सख्ती से पालन करने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग ने पहले ही आदेश जारी कर दिए हैं और बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इन आदेशों को अब सख्ती से लागू किया जा रहा है।
मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि सभी स्कूल, चाहे प्राइवेट हों या सरकारी बिना किसी छूट के एक ही नियमों से बंधे हैं। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी संस्थान को छात्रों या उनके परिवारों पर गैर-जरूरी फीस या सामान की मांग करने की इजाजत नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्रों की भलाई, सुरक्षा और पढ़ाई में आराम हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। स्कूलों को पब्लिक सर्विस की भावना से काम करना चाहिए न कि व्यावसायिक दबाव से और किताबों की दुकानों को नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। सरकारी निर्देशों का कोई भी उल्लंघन करने पर गंभीर नतीजे भुगतने होंगे।