पुलवामा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सोमवार को 19 वर्ष पुराने हत्याकांड के एक मामले में आरोपी को बरी कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी की अपराध में संलिप्तता को उचित संदेह से परे साबित करने में विफल रहा।
यह मामला 28 अगस्त 2007 का है। पुलिस चौकी केलर ने नसरपोरा निवासी मोहम्मद यूसुफ कलास का शव पानी के टैंक के पास से बरामद किया था। एफआईआर दर्ज की गई और जांच पूरी होने के बाद तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। लंबे समय तक चले मुकदमे के दौरान दो आरोपियों की मौत हो चुकी है। बचे हुए तीसरे आरोपी रियाज अहमद कोहली (पुलवामा निवासी) पर मुकदमा चला।
उन्होंने अपने वकील के माध्यम से आरोपों का खंडन किया। अभियोजन पक्ष ने चार्जशीट में शामिल 10 गवाहों की जांच की। विस्तृत फैसले में अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष ने आरोपी को अपराध से जोड़ने वाला कोई ठोस, विश्वसनीय और कानूनी रूप से स्वीकार्य साक्ष्य पेश नहीं किया। संवाद