- श्रीनगर की कोर्ट ने एनडीपीएस मामले में जमानत अर्जी खारिज की
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। जिले की एक विशेष अदालत ने बुधवार को एक आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। इस आरोपी पर प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की बड़ी मात्रा (कमर्शियल क्वांटिटी) की बरामदगी से जुड़े एक ड्रग तस्करी नेटवर्क में शामिल होने का आरोप है। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन युवा लड़के-लड़कियों की जिंदगी बर्बाद कर रहा है।
विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस मामले) श्रीनगर विनोद कुमार की अदालत ने आरोपी मुजफ्फर अहमद भट की ओर से दाखिल जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। 2023 के मामले में भट ने अपने वकील के ज़रिए इस आधार पर जमानत मांगी थी कि उसे केवल एक सह-आरोपी के बयान के आधार पर फंसाया गया है, और उसके कब्जे से कोई भी प्रतिबंधित पदार्थ बरामद नहीं हुआ है। अन्य दलीलों के अलावा उसके वकील ने तर्क दिया कि मुकदमे में देरी हुई है और अभियोजन पक्ष के मुख्य गवाहों ने सीधे तौर पर उसका नाम नहीं लिया है।
अभियोजन पक्ष ने इस अर्जी का विरोध किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस मामले में नशीले सिरप की 90 बोतलें बरामद हुई हैं। साथ ही, उन्होंने एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 के कड़े प्रावधानों का हवाला दिया।जमानत अर्जी को खारिज करते हुए अदालत ने टिप्पणी की कि आरोपी को कथित ड्रग सप्लाई चेन से जोड़ने वाले पर्याप्त प्रथम दृष्टया सबूत मौजूद हैं। अदालत ने पाया कि सह-आरोपी का बयान जो एक कार्यपालक मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किया गया था उसमें भट की पहचान एक सप्लायर के तौर पर की गई थी और उसमें लेन-देन व भुगतान के तरीकों का भी विस्तृत विवरण दिया गया था।