- सीबीआई ने श्रीनगर के बटमालू इलाके में ट्रैप लगाकर सहायक को रंगेहाथ दबोचा
- सहायक बिचौलिए के तौर पर कमिश्नर के लिए वसूल रहा था रकम : अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने श्रीनगर में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के दो अधिकारियों को बुधवार को रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया। इनमें एक रीजनल प्रोविडेंट फंड कमिश्नर और एक सीनियर सिक्योरिटी असिस्टेंट शामिल हैं।
सीबीआई ने सीनियर सिक्योरिटी असिस्टेंट को शहर के बटमालू इलाके में एक शिकायतकर्ता से कथित तौर पर 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा। वह रीजनल प्रोविडेंट फंड कमिश्नर के लिए रिश्वत की रकम ले रहा था। यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें एक प्रमुख सरकारी संगठन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं और यह इस क्षेत्र में भ्रष्टाचार विरोधी चल रहे प्रयासों को उजागर करता है।
सीबीआई के अनुसार इस संबंध में प्राथमिकी 31 मार्च को तब दर्ज की गई जब आरोप लगे कि रीजनल प्रोविडेंट फंड कमिश्नर ने शिकायतकर्ता से 1.5 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। यह मांग कथित तौर पर शिकायतकर्ता के संस्थान के खिलाफ कोई प्रतिकूल कार्रवाई न करने और जुर्माना लगाने से बचने के बदले में की गई थी।
अधिकारियों ने बताया कि उसी दिन ट्रैप लगाया गया और सीनियर सिक्योरिटी असिस्टेंट को कमिश्नर की ओर से रिश्वत की रकम लेते हुए दबोच लिया गया। जब यह साबित हो गया कि रिश्वत असिस्टेंट के जरिए ली जा रही थी जो एक बिचौलिए के तौर पर काम कर रहा था तो रीजनल प्रोविडेंट फंड कमिश्नर को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। मामले की जांच जारी है। सीबीआई के अधिकारी ने कहा कि रिश्वत लेना एक दंडनीय अपराध है। उन्होंने नागरिकों से भ्रष्टाचार की रिपोर्ट करने की अपील की है।