मुख्य न्यायाधीश ने फैमिली कोर्ट, पोस्को कोर्ट, विधि सेवा केंद्र, ई-सेवा केंद्र, हेल्प डेस्क, क्रेच सहित कोर्ट परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मुख्य कानूनी सहायता रक्षा प्रणाली और कानूनी सहायता क्लीनिकों के कामकाज का प्रत्यक्ष मूल्यांकन किया।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एन कोटिश्वर सिंह ने न्यायाधीशों से कहा है कि वह वादियों खासतौर पर महिलाओं के प्रति दयालु रवैया अपनाएं। मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद वह श्रीनगर के जिला न्यायालय परिसर, मोमिनाबाद के दौरे के दौरान न्यायिक अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।
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मुख्य न्यायाधीश ने फैमिली कोर्ट, पोस्को कोर्ट, विधि सेवा केंद्र, ई-सेवा केंद्र, हेल्प डेस्क, क्रेच सहित कोर्ट परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मुख्य कानूनी सहायता रक्षा प्रणाली और कानूनी सहायता क्लीनिकों के कामकाज का प्रत्यक्ष मूल्यांकन किया।
इस बीच, जावेद अहमद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्रीनगर ने मुख्य न्यायाधीश को प्रासंगिक आंकड़ों के साथ अदालतों के कामकाज से अवगत कराया। उन्होंने सभी न्यायाधीशों को पूर्ण समर्थन देने के लिए प्रशासनिक न्यायाधीश, न्यायमूर्ति ताशी रबस्तान का आभार व्यक्त किया। अंत में, मुख्य न्यायाधीश और अन्य उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों ने अदालत परिसर श्रीनगर में एक पौधा लगाया। मुख्य न्यायाधीश के साथ जस्टिस राजेश ओसवाल, जस्टिस विनोद चटर्जी कौल, जावेद इकबाल वानी, मोहन लाल, वसीम सादिक नरगल और राजेश सेखरी भी थे।
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यहां जारी एक बयान के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश ने सभी न्यायिक अधिकारियों को उच्च न्यायालय से सर्वश्रेष्ठ समर्थन का आश्वासन दिया और उनसे संस्थान की गरिमा और सम्मान को बनाए रखने के लिए अत्यधिक समर्पण, परिश्रम और करुणा का विस्तार करने का आग्रह किया। उन्होंने वादकारियों खासकर महिला पीड़ितों के प्रति दयालु रवैया अपनाने पर भी जोर दिया। इससे पहले मुख्य न्यायाधीश और उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों का जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक दस्ते ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ स्वागत किया।