- मुख्य सचिव ने की इलाज, फिर से जुड़ने और रोजी-रोटी में मदद के कार्य की समीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने शनिवार को प्रशासनिक सचिवों की बैठक की अध्यक्षता की। इसमें ड्रग्स के शिकार लोगों के लिए तैयार किए गए पुनर्वास प्लान पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्य सचिव ने कहा, ड्रग्स के शिकार लोगों के लिए लंबे समय की पुनर्वास योजना शुरू होगी।
बता दें कि सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट की ओर से अलग-अलग सरकारी विभागों और स्टेकहोल्डर के साथ सलाह-मशविरा कर पुनर्वास प्लान तैयार किया गया है। मुख्य सचिव ने असरदार और व्यावहारिक पुनर्वास योजना बनाने की जरूरत पर जोर दिया जिससे जमीन पर ठोस नतीजे मिल सकें। उन्होंने जोर दिया कि इस प्लान को इंस्टिट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज और सरकारी मेडिकल कॉलेजों के मनोरोग विभाग के विशेषज्ञाें के साथ सलाह-मशविरा कर और बेहतर बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि समर्पित और व्यावसायिक तौर पर प्रशिक्षित परामर्शदाताओं का एक कैडर पुनर्वास योजना का आधार बनेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मेंटर्स की जिम्मेदारियां पेशेंट्स की अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से साफ तौर पर तय होनी चाहिए ताकि वे उनके साथ असरदार तरीके से जुड़ सकें। उनके लगातार रिहैबिलिटेशन और समाज में फिर से जुड़ने में अहम भूमिका निभा सकें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि इन मेंटर्स को मोटिवेट और प्रोत्साहित करने के लिए सही इंसेंटिव सिस्टम बनाया जाए।
मुख्य सचिव ने रिहैबिलिटेटेड लोगों को रोजी-रोटी के मौके देने के लिए सरकारी स्कीमों और रिसोर्सेज को आपस में मिलाने की जरूरत पर भी जोर दिया जिसमें सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट के लिए स्किल डेवलपमेंट और अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए स्कूल और कॉलेज में उनकी वापसी को आसान बनाना शामिल है। उन्होंने एनआईसी से रिहैबिलिटेशन प्रोसेस की सस्टेनेबल मॉनिटरिंग और सामाजिक माहौल में प्रभावित लोगों के लंबे समय तक स्थिरीकरण के लिए एक डेडिकेटेड डिजिटल पोर्टल बनाने को भी कहा।