अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कश्मीर में सेब और अन्य बागवानी फसलों का सीजन अपने अंतिम चरण में पहुंच रहा है। इसी बीच उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल और जम्मू-कश्मीर के बागवानी विभाग ने घाटी के कृषि व बागवानी उत्पादों को सड़क के बजाय रेल मार्ग से देश की प्रमुख मंडियों तक पहुंचाने के लिए एक ऐतिहासिक साझा कदम उठाया है। रेलवे ने राउंड-ट्रिप पर 50% छूट के साथ फल की खेप ट्रेन से भेजने की बात कही है।
श्रीनगर में निदेशक, उद्यानिकी योजना एवं विपणन के कार्यालय कक्ष में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में रेलवे ने फल कारोबारियों और एग्रीगेटर्स को आकर्षित करने के लिए विशेष रियायती माल भाड़े की घोषणा की। बैठक में जम्मू मंडल के क्षेत्रीय प्रबंधक, वरिष्ठ रेलवे अधिकारी, कार्गो एग्रीगेटर्स और परिमपोरा, बांदीपोरा व अनंतनाग के विपणन व सहायक ग्रेडिंग अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान संयुक्त पार्सल उत्पाद-रैपिड कार्गो सेवा (जेपीपी-आरसीएस) ट्रेनों के जरिए माल भेजने पर विस्तृत चर्चा हुई।
रेलवे अधिकारियों ने कारोबारियों के हित में एक बड़ी योजना का खाका पेश किया। इसके तहत यदि कोई एग्रीगेटर, व्यापारी या लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता जेपीपी-आरसीएस ट्रेनों के माध्यम से दोनों दिशाओं के लिए पार्सल कोच की अग्रिम बुकिंग करता है, तो उसे राउंड-ट्रिप का कुल भाड़ा सामान्य दर का केवल 1.5 गुना ही देना होगा। इसका सीधा मतलब यह है कि एक तरफ का पूरा किराया देने के बाद वापसी की ट्रिप पर 50 प्रतिशत की सीधी छूट मिलेगी। व्यापारियों की सहूलियत के लिए बुकिंग और भुगतान की पूरी प्रक्रिया मूल स्टेशन पर ही एक बार में पूरी कर ली जाएगी जिससे कागजी औपचारिकताओं से मुक्ति और समय की बचत होगी।
हाईवे पर भूस्खलन, खराब मौसम और ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
इस पहल से कश्मीरी बागवानों और व्यापारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। सड़क मार्ग की तुलना में कम लागत आने से उत्पादकों का मुनाफा बढ़ेगा। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) पर आए दिन होने वाले भूस्खलन, खराब मौसम और ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी जिससे अक्सर ट्रकों में लदे फल दिनों तक फंसे रहने के कारण खराब हो जाते थे। रेल परिवहन से माल तय समय पर देश की मंडियों तक पहुंचेगा, जिससे फलों की ताजगी बनी रहेगी और बाजार में बेहतर दाम मिलेंगे।
बैठक में उपस्थित सभी हितधारकों ने रेलवे के इस प्रस्ताव पर सहमति जताई। हालांकि, पहली खेप के प्रस्थान की सटीक तारीख और मुख्य गंतव्य मंडियों के ब्योरे जल्द ही साझा किए जाएंगे। रेल प्रशासन ने बागवानों को हर संभव सहायता का भरोसा दिया है।