पुलिस ने इनकी शिनाख्त शाहिद अहमद कुट्टे, अदनान शफी डार और अहसान शेख के रूप में की है। ये आतंकवादी लंबे समय से दक्षिण कश्मीर में सक्रिय थे। पिछले कुछ समय से सुरक्षाबलों को शोपियां में आतंकवादियों की सक्रियता की खबरें मिल रही थीं। इन तीनों आतंकियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना 12 मई की रात को मिली। इसके बाद भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने शोपियां जिले में कठोहलां जंगल में उसी रात संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया और इलाके को घेर लिया।
बहादुरी से जवानों ने दहशतगर्दों को लगाया ठिकाने
13 मई की सुबह करीब नौ बजे सतर्क जवानों ने आतंकवादियों की हरकत देखी। सैनिकों ने रास्ता बंद कर आतंकवादियों को चुनौती दी। इस पर आतंकवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने बहुत होशियारी से फायरिंग की और सभी आतंकवादियों को ढेर कर दिया।
कुट्टे घाटी में आतंकियों की भर्ती को दे रहा था बढ़ावा
शाहिद अहमद कुट्टे दक्षिण कश्मीर में लश्कर का ऑपरेशंस कमांडर था। उसने कश्मीर में आतंकियों की भर्ती को बढ़ावा दिया, कई युवाओं को गलत रास्ते पर भटकाया और बहुत मासूमों को मारा। कुट्टे मार्च 2023 में लश्कर में शामिल हुआ था। वह लश्कर का ए-कैटेगरी का आतंकवादी था। आठ अप्रैल, 2024 को दानिश रिसॉर्ट में गोलीबारी की घटना में शामिल था। 18 मई, 2024 को हीरपोरा में भाजपा सरपंच की हत्या में भी कुट्टे शामिल रहा। उस पर तीन फरवरी, 2025 को बीहिबाग, कुलगाम में टीए (टेरिटोरियल आर्मी) के जवान की हत्या में शामिल होने का संदेह था।
लश्कर के लिए काम कर रहे थे शफी व शेख
- शोपियां के वंडुना मेलहोरा इलाके का निवासी अदनान शफी अक्तूबर, 2024 में लश्कर में शामिल हुआ था। वह सी-कैटेगरी का आतंकवादी था। शफी 18 अक्तूबर, 2024 को शोपियां के वची में गैर-स्थानीय मजदूर की हत्या में शामिल था।
- पुलवामा जिले के मुरन का निवासी अहसान उल हक शेक सी-कैटेगरी का आतंकी था और 24 जून, 2023 में आतंकवादी बना था। मारे गए आतंकवादियों से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद हुआ है।
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