फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आतंक पर वार: कश्मीर में आतंकी नेटवर्क पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, पाकिस्तान से जुड़े 16 घरों पर छापे, 10 हिरासत में

Tue, 11 Nov 2025 02:56 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

जम्मू-कश्मीर में पुलिस ने गांदरबल, बारामुला और कुलगाम जिलों में आतंकवादी नेटवर्क पर बड़ी छापेमारी कर 60 लोगों को गिरफ्तार और 10 को हिरासत में लिया। छापेमारी में पाकिस्तान/पीओके से जुड़े घरों, ओवरग्राउंड वर्कर ठिकानों और डिजिटल उपकरणों की जांच भी की गई।
विज्ञापन
कश्मीर घाटी में आतंकी मददगारों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान तैनात पुलिस। - फोटो : पुलिस
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद पर कड़ा प्रहार लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। पुलिस ने सोमवार को बारामुला और गांदरबल जिले में आतंकी समर्थक नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए बड़ी कार्रवाई की। 60 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 10 को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

विज्ञापन


पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि बडगाम पुलिस ने जिले में 45 स्थानों पर छापे मारकर 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिनके घरों पर छापे मारे गए उनमें 16 घर पाकिस्तान से आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों के हैं। ओवरग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) से जुड़े 23 ठिकानों पर भी छापे मारे गए हैं। जिलेभर में एक साथ 32 जगह कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (कासो) चलाए गए। देर रात तक चले अभियान के दौरान पीओके/ पाकिस्तान स्थित कश्मीरी मूल निवासियों से जुड़ी संपत्तियों की तलाशी ली गई।

उन्होंने बताया कि 16 ओजीडब्ल्यू को गैरकानूनी गतिविधियों में सहायता करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यूएपीए-आरोपी व्यक्तियों (जो वर्तमान में जमानत पर हैं) की 6 संपत्तियों की तलाशी ली गई। इस मामले में भी पांच ओजीडब्ल्यू को गिरफ्तार किया गया है।
विज्ञापन


प्रवक्ता ने बताया कि ग्राहक सत्यापन मानदंडों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने और दूरसंचार सेवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए 11 सिम विक्रेताओं का निरीक्षण किया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य महत्वपूर्ण मार्गों पर स्थित रणनीतिक नाकों और चौकियों पर 175 वाहनों की गहन जांच की गई। उन्होंने कहा कि पीओके या पाकिस्तान में बैठकर कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे आंतिकयों और उनके मददगारों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। वहीं, गांदरबल जिले में 39 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

गांदरबल में गिरफ्तार किए 39 लोगों को जेल भेजा
पुलिस ने जिले में कई स्थानों पर छापे मारे। पूर्व आतंकियों के घरों में तलाशी अभियान के दौरान 39 लोगों को गिरफ्तार में लेकर डिगनीबल जेल भेजा गया। पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में कार्रवाई स्थानीय नेटवर्क को खत्म करने के साथ ही देशविरोधी तत्वों को शरण देने वालों के खिलाफ की गई। पुलिस ने छापे के दौरान कई डिजिटल उपकरण ओर संदिग्ध सामग्री जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजी गई है। वहीं, शोपियां में भी ऐसा ही अभियान चलाया गया।

पुलिस ने कुलगाम में आतंकियों के आठ रिश्तेदार हिरासत में लिए
पुलिस ने सोमवार को जिले के विभिन्न इलाकों में एक व्यापक अभियान चलाया। इस दौरान पाकिस्तान और पीओके से संचालित जम्मू-कश्मीर नेशनल ऑपरेटिव्स और ओवर ग्राउंड वर्कर्स के आठ रिश्तेदारों को गिरफ्तार कर अनंतनाग की केंद्रीय जेल भेज दिया गया।

इसके अलावा कई संदिग्धों से पूछताछ की गई और कई घरों की तलाशी भी ली गई। इस क्रम में कुलगाम पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) के तहत आरोपित व्यक्तियों को मिली जमानत रद्द करने के लिए 16 आवेदन अदालत में दायर किए हैं।
विज्ञापन

रामबन और बनिहाल में चला सर्च ऑपरेशन, हाईवे पर बढ़ाई सुरक्षा
रामबन पुलिस ने आतंकवाद और उनके मददगारों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पूरे जिले समेत जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एसएसपी रामबन अरुण गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस ने पाकिस्तान/ पीओके से संचालित जम्मू-कश्मीर के मूल निवासी और उनके ओवरग्राउंड वर्करों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत रामबन, बनिहाल और गूल उपमंडलों में कॉम्बिंग, कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन तथा विशेष जांच अभियान चलाए जा रहे हैं।

इनका उद्देश्य आतंकी मददगारों की पहचान कर कार्रवाई करना है। पुलिस टीमों ने जिलेभर में सिम कार्ड विक्रेताओं की सघन जांच शुरू की है। इसका मकसद सत्यापन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कर संचार नेटवर्क के दुरुपयोग पर रोक लगाना है।

राष्ट्रीय राजमार्ग पर सेना और सीआरपीएफ की क्विक रिएक्शन टीमों के सहयोग से वाहनों की जांच बढ़ा दी गई है। एसएसपी अरुण गुप्ता ने कहा कि आतंकियों को शरण, सहायता देने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आम जनता से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को देने की अपील की है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें