पुलवामा के त्राल में सूखे झरने। संवाद
पुलवामा। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के मशहूर झरने घाटी में लंबे समय तक सूखे के कारण सूख रहे हैं। इससे कई गांवों में पानी की कमी हो गई है। जिले के त्राल में अरिपाल झरना और नेवा पुलवामा में बुलबुल झरना प्रभावित है।
त्राल में पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग (पीएचई) के अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में अरिपाल झरने का जल स्तर लगातार कम हो रहा है जिससे वह पूरी तरह सूख गया है। यह झरना विभिन्न सप्लाई योजनाओं के लिए पीने के पानी के स्रोत के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था जिससे अलग-अलग इलाकों में पानी की कमी हो गई है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर आने वाले हफ्तों में बर्फ या बारिश के रूप में पानी नहीं बरसा तो पूरा झरना सूखने का खतरा है जिससे पानी की कमी की समस्या और बढ़ जाएगी। स्थानीय निवासियों ने पानी की कमी को लेकर अपनी लगातार परेशानी बताई जो हाल के इतिहास में अरिपाल झरने के जल स्तर में पहली बड़ी गिरावट है।
एक स्थानीय बशारत नबी ने कहा कि हमें पानी की सप्लाई में कई इलाकों में पिछले कुछ दिनों से दिक्कत आ रही है। पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं देखने को मिली। अब केवल अल्लाह से दुआ करते हैं कि जल्द इस सूखे की स्थिति को दूर करने के लिए बारिश या बर्फबारी हो।
इसी तरह जिले नेवा में बुलबुल झरना जिसने चार दशकों से पानी की सप्लाई योजना को सहारा दिया था वह भी सूख गया है जिससे कई गांवों में पानी की कमी हो गई है। निवासियों ने जोर दिया कि जब तक बारिश से झरने फिर से भर नहीं जाते तब तक एक कुएं की तत्काल आवश्यकता है।
भूजल विभाग द्वारा कुएं के लिए उपयुक्त जमीन की पहचान करने के बावजूद निवासियों ने बताया कि कोई कार्रवाई नहीं की गई है। त्राल और नेवा इलाकों के स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से इस मुद्दे को तुरंत हल करने और आवश्यक उपाय लागू करने का आग्रह किया है।
पुलवामा के त्राल में सूखे झरने। संवाद