फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लेह: लद्दाख में महिलाओं के आंदोलन का असर, शराब नीति पर झुका प्रशासन; सभी मांगें मानने का भरोसा

Fri, 30 Oct 2026 03:34 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, लेह

सार

लद्दाख में नई शराब नीति के खिलाफ चार महिला संगठनों ने प्रशासन की ओर से सभी मांगें सैद्धांतिक रूप से मानने और एक सप्ताह में लिखित समझौता करने का आश्वासन मिलने के बाद अपना प्रदर्शन स्थगित कर दिया है।
विज्ञापन
सोनम वांगचुक - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लद्दाख में प्रशासन की नई शराब नीति के खिलाफ महिलाओं का विरोध प्रदर्शन फिलहाल स्थगित हो गया है। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने महिला संगठनों की सभी मांगों को स्वीकार कर लिया है और समझौते को अंतिम रूप देने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है। प्रशासन से मिले लिखित आश्वासन के बाद चार महिला संगठनों ने 29 अक्तूबर से 5 नवंबर तक प्रस्तावित धरने को स्थगित करने का फैसला किया है।

विज्ञापन
Trending Videos

वांगचुक ने सोशल मीडिया पर इस फैसले की जानकारी देते हुए उम्मीद जताई कि प्रशासन महिलाओं के भरोसे और विश्वास का सम्मान करेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने सभी मांगें मानने पर सहमति जताई है और समझौते को अंतिम रूप देने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है।

लद्दाख में नई शराब नीति के विरोध में पिछले सप्ताह से महिलाओं का आंदोलन चल रहा था। महिला संगठन शराब नीति को पूरी तरह वापस लेने और लद्दाख को पूर्ण रूप से शराबमुक्त केंद्र शासित प्रदेश घोषित करने की मांग कर रहे थे। इस आंदोलन में लद्दाख बौद्ध एसोसिएशन महिला विंग, अंजुमन-ए-इमामिया महिला विंग, अंजुमन मोइन-उल-इस्लाम महिला विंग और ईसाई समुदाय महिला विंग शामिल थे।

इन संगठनों ने शराब की उपलब्धता बढ़ाने हाल ही में बार लाइसेंस जारी करने और नई वाइन शॉप खोलने को लेकर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि शराब की बढ़ती उपलब्धता से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो सकता है और लद्दाख की सामाजिक, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक पहचान को नुकसान पहुंच सकता है।
विज्ञापन

प्रशासन के गृह विभाग की ओर से 29 अक्तूबर को जारी पत्र में विशेष सचिव ताशी डोलमा ने संगठनों की ओर से दिए गए सुझावों और मांगों को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार करने की बात कही। इसके बाद प्रशासन ने आपसी बातचीत और सहयोग के आधार पर एक सप्ताह में समझौते को अंतिम रूप देने का समय मांगा।

महिला संगठनों ने कहा कि उन्होंने प्रशासन के आश्वासन पर भरोसा जताते हुए धरना अस्थायी रूप से स्थगित किया है, ताकि प्रशासन अपने वादे को पूरा कर सके और सहमत बिंदुओं को लिखित रूप दे सके। संगठनों ने आंदोलन को समर्थन देने के लिए लद्दाख के लोगों का आभार जताते हुए कहा कि वे स्वस्थ और नशामुक्त लद्दाख के अपने संकल्प पर कायम हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें