आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि श्रीनगर शहर के घंटाघर लाल चौक, नागरिक सचिवालय से बटमालू-शेरगढ़ी रोड के अन्य संवेदनशील इलाकों समेत नेशनल हाईवे पर एफआरटी का प्रयोग किया जा रहा है। इसका कंट्रोल पुलिस कंट्रोल रूम (पीसीआर) कश्मीर में है। इससे जूम करके संदिग्ध की पहचान की जा सकती है, चाहे वह गाड़ी में क्यों न हो। यही कारण है कि हाल ही में ऑटो चालकों से भी खिड़कियां हटाने को कहा गया था ताकि संदिग्ध की पहचान हो सके।
बता दें, 23 अक्तूबर 2021 को जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पहली बार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेश के अपने 3 दिवसीय दौरे के दौरान श्रीनगर के राज भवन में सुरक्षा एजेंसियों के साथ एक यूनिफाइड हाई कमांड (यूएचसी) की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी।
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में जम्मू कश्मीर पुलिस के महानिदेशक द्वारा एफआरटी को लेकर चर्चा की गई थी। गृह मंत्री को जानकारी दी थी कि जम्मू कश्मीर पुलिस आने वाले समय में श्रीनगर म्युनिसिपल कारपोरेशन के साथ मिलकर शहर में एफआरटी तकनीक का इस्तेमाल करने जा रही है। ऐसी तकनीक पहले से तेलंगाना और दिल्ली जैसे राज्य इस्तेमाल कर रहे हैं।