शब-ए-मेराज के अवसर पर हजरतबल दरगाह में जियारत करते जायरीन।
- फोटो : बासित जरगर
शुक्रवार को रात को इशा की नमाज के बाद करीब 8 बजे से ही श्रीनगर की कई मस्जिदों और हजरतबल दरगाह के अलावा अन्य आस्तानों में दुरूद ओ सलाम का दौर शुरू हुआ। मोहम्मद साहब की शान में कसीदे पढ़े गए। शब ए मेराज का भी तस्किरा किया गया।
आलिमों ने लोगों को इस रात की अहमियत बताई। पूरी रात चले इन कार्यक्रमों के बाद शनिवार को सुबह हजरतबल दरगाह में रखे पैगंबर मोहम्मद साहब की दाढ़ी मुबारक के बाल की जियारत कराई गई। जियारत के लिए पहुंचे लोगों ने रो-रोकर दुआएं मांगी और अपनों की मगफिरत के लिए दुआएं कीं।