शिक्षा पाठ्यक्रमों में खेलों को करें शामिल : उपराज्यपाल ने कहा कि शिक्षा पाठ्यक्रम में खेलों को शामिल करना चाहिए। इससे खेल युवाओं के संपूर्ण और समग्र विकास के लिए एक सशक्त साधन बन सकते हैं। युवाओं के लिए खेल एक वास्तविक जीवन विद्यालय के समान है जो उन्हें जीवन के अनुभवों के माध्यम से अनुशासन, मूल्यों और नेतृत्व की शिक्षा देता है।
खेलों में निवेश देगा देश के भविष्य को आकार : एलजी ने कहा कि नीति निर्माताओं और उद्योग जगत को खेलों के माध्यम से अवसर के द्वार खोलने चाहिए। उन्होंने कहा कि खेलों में निवेश करना अनुशासित नागरिकों और आत्मविश्वासपूर्ण भविष्य में निवेश करने जैसा है और ये निवेश देश के भविष्य को आकार देगा।
खेलों में राजनीति का नहीं होना चाहिए हस्तक्षेप
उपराज्यपाल ने कहा कि राजनीति को खेलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। भारत को एक खेल महाशक्ति बनाने के लिए खेलों और राजनीति को पूरी तरह से अलग रखना होगा। चयन प्रक्रिया में संदेह की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। प्रतिभाशाली युवाओं को अवसरों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। हाल ही में जम्मू-कश्मीर में हाॅकी और क्रिकेट टीमों में खिलाड़ियों के चयन पर उठे सवालों के बीच उपराज्यपाल का ये बयान अहम माना जा रहा है। एलजी ने ये भी कहा कि खेलों में महिलाओं व युवाओं की भागीदारी पर विशेष ध्यान देने और उन्हें प्रोत्साहित करने की जरूरत है। इन्हें पीछे रखने वाली प्रमुख बाधाओं को दूर करने के लिए काम करना होगा।