फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा: खेलों को राजनीति से रखें दूर, महिलाओं और युवाओं की बढ़ाएं भागीदारी

Sun, 18 Jan 2026 12:39 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

जम्मू में दो दिवसीय राष्ट्रीय खेल सम्मेलन ‘सृजन’ का शुभारंभ करते हुए एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि खेलों को राजनीति से दूर रखा जाए और महिलाओं व युवाओं की भागीदारी बढ़ाई जाए।
विज्ञापन
सम्मेलन को संबोधित करते एलजी मनोज सिन्हा। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को कहा कि खेलों को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। इसमें महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत है। खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए नीति बनाई जानी चाहिए। हमें एक ऐसी प्रणाली बनानी होगी जहां चयन प्रक्रिया पर संदेह की कोई गुंजाइश न हो।

विज्ञापन


उपराज्यपाल ने जम्मू में युवा सेवा एवं खेल विभाग के दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तर के खेल सम्मेलन ‘सृजन’ का शुभारंभ किया। सम्मेलन में दिल्ली खेल विश्वविद्यालय की कुलपति एवं पद्मश्री डॉ. कर्णम मल्लेश्वरी (ओलंपियन) भी पहुंची थीं। एलजी ने कहा कि खेल एक शक्तिशाली माध्यम है जो व्यक्तियों को आकार देता है, समुदायों को एकजुट करता है और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सक्षम उद्यमी एक खेल और एक खिलाड़ी गोद लेकर देश को खेल महाशक्ति बनाने में अभूतपूर्व योगदान दे सकते हैं।

उन्होंने खेल परिषदों, संघों, प्रशासकों व अधिकारियों से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए विशेष रणनीतिक विकास योजना बनाने के लिए आग्रह किया। उपराज्यपाल ने कहा कि यह सम्मेलन प्रदेश में खेल प्रणालियों को और मजबूत करने के लिए व्यावहारिक रणनीतियों की पहचान करेगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

शिक्षा पाठ्यक्रमों में खेलों को करें शामिल : उपराज्यपाल ने कहा कि शिक्षा पाठ्यक्रम में खेलों को शामिल करना चाहिए। इससे खेल युवाओं के संपूर्ण और समग्र विकास के लिए एक सशक्त साधन बन सकते हैं। युवाओं के लिए खेल एक वास्तविक जीवन विद्यालय के समान है जो उन्हें जीवन के अनुभवों के माध्यम से अनुशासन, मूल्यों और नेतृत्व की शिक्षा देता है।

खेलों में निवेश देगा देश के भविष्य को आकार : एलजी ने कहा कि नीति निर्माताओं और उद्योग जगत को खेलों के माध्यम से अवसर के द्वार खोलने चाहिए। उन्होंने कहा कि खेलों में निवेश करना अनुशासित नागरिकों और आत्मविश्वासपूर्ण भविष्य में निवेश करने जैसा है और ये निवेश देश के भविष्य को आकार देगा।

खेलों में राजनीति का नहीं होना चाहिए हस्तक्षेप
उपराज्यपाल ने कहा कि राजनीति को खेलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। भारत को एक खेल महाशक्ति बनाने के लिए खेलों और राजनीति को पूरी तरह से अलग रखना होगा। चयन प्रक्रिया में संदेह की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। प्रतिभाशाली युवाओं को अवसरों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। हाल ही में जम्मू-कश्मीर में हाॅकी और क्रिकेट टीमों में खिलाड़ियों के चयन पर उठे सवालों के बीच उपराज्यपाल का ये बयान अहम माना जा रहा है। एलजी ने ये भी कहा कि खेलों में महिलाओं व युवाओं की भागीदारी पर विशेष ध्यान देने और उन्हें प्रोत्साहित करने की जरूरत है। इन्हें पीछे रखने वाली प्रमुख बाधाओं को दूर करने के लिए काम करना होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें